Saturday , May 15 2021
Breaking News
Home / खबर / राजस्थान में कोरोना : पीएम केयर फंड से 9 माह पहले आए वेंटीलेटर का नहीं हुआ केलिब्रेशन, तीन महीने बाद वारंटी भी खत्म

राजस्थान में कोरोना : पीएम केयर फंड से 9 माह पहले आए वेंटीलेटर का नहीं हुआ केलिब्रेशन, तीन महीने बाद वारंटी भी खत्म

अलवर .  आपको खुद को कोरोना से बचना होगा। इस महामारी की चपेट में आए तो सरकारी सिस्टम के भरोसे बिलकुल मत रहना। एक तो इनके पास बहुत सीमित इंतजाम है। दूसरा जो संसाधन हैं वो भी काम नहीं ले पा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल यानी करीब 9 महीने पहले पीएम केयर फंड से अलवर जिला अस्पताल को 49 वेंटीलेटर दिए गए थे, लेकिन यह बेहद शर्मनाक है कि इनमें से आधे भी अभी उपयोग में नहीं लिए जा रहे। हालात ये हैं कि उनका अभी तक केलिब्रेशन तक नहीं हो सका है।

अब स्थिति यह है कि 3 महीने बाद वेंटीलेटर की वारंटी तक खत्म हो जाएगी। यानी इस अवधि के बाद फिर इनके इंस्टॉल करने के दौरान यदि वे खराब निकलते हैं, इंस्टॉल नहीं होते हैं तो वेंटीलेटर निर्माता कम्पनी भी हाथ खड़े कर देगी।

शर्मनाक स्थिति

मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के इस विकट काल में देशवासियों की सांसें वेंटिलेटर के भरोसे हैं। अस्पतालों में वेंटीलेटर खाली नहीं मिल रहे। जहां नए लगाए जा सकते हैं, उनको उपलब्ध नहीं हो पा रहे। और अलवर के जिला अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन की लापरवाही इस हद तक है कि पीएम केयर फंड से आए हुए वेंटीलेटर तक 9 माह बाद भी इंस्टॉल नहीं किए गए हैं। अब जब यह मामला खुला है तो अफसर और प्रशासन जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाते हुए एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने लगे हैं। अलवर में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों के बीच बेहद खतरनाक हालात में यह बेहद शर्मनाक स्थिति सामने आई है। न प्रशासन चिंतित है और न ही सरकार।

ये डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल का वार्ड है।

ये 49 वेंटिलेटर आए, जिनका हिसाब
पिछले साल जुलाई 2020 में पीएम केयर फण्ड से अलवर में जिला अस्पताल में 49 वेंटिलेटर आए थे। फिलहाल उनमें से 8 वेंटीलेटर जिला अस्पताल में लगे हुए हैं। तीन वेंटिलेटर एक दिन पहले ही लॉर्ड्स अस्पताल में लगाए गए हैं। 10 वेंटीलेटर पहले ही जयपुर आरयूएचएस में भेज दिए गए थे। पीएमओ डॉ सुनील चौहान ने बताया कि 10 वेंटीलेटर सीमएचएओ के जरिए दूसरे अस्पतालों को भिजवा दिए गए। इसके बावजूद भी जिला अस्पताल में करीब 10 से 15 वेंटिलेटर बचे हैं। जिनका केलिब्रेशन नहीं हो सका है। मतलब कोई काम नहीं आ रहे हैं। तीन महीने बाद इन वेंटिलेटर की वारंटी अवधि भी खत्म हो जाएगी।

अब 500 मरीज ऑक्सीजन पर

इस समय जिले में ऑक्सीजन पर 500 मरीज हैं। रोजाना ऑक्सीजन पर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी हैं। ऑक्सीजन बैड वाले 10 प्रतिशत मरीजों को कभी भी वेंटीलेटर की जरूरत पड़ सकती है। जबकि हर दिन 10 से 12 प्रतिशत से अधिक नए मरीज ऑक्सीजन पर आने लगे हैं। यदि सब वेंटिलेटर चालू हों तो काफी लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस समय जिले में 54 मरीज वेंटीलेटर पर बताए गए हैं। जिनमें से 70 प्रतिशत निजी अस्पतालों में हैं। जबकि 98 मरीज आइसीयू में हैं। निजी अस्पतालों में पिछले 10 दिनों से आइसीयू के बैड नहीं मिल पा रहे हैं।

सबसे बड़े अस्पताल में 16 बैड वेंटीलेटर व आइसीयू
जिला अस्पताल में पिछले एक साल से आइसीयू व वेंटिलेटर के बैड 16 ही हैं। सात बैड वेंटीलेटर और 9 बैड आइसीयू के हैं। जो हमेशा फुल रहते हैं। जबकि करीब आठ-नौ माह से पीएम केयर फंड से आए वेंटिलेटर का सदुपयोग नहीं हो सका। न आइसीयू के बैड बढ़ाए जा सके हैं।

डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में केवल 5 वेंटीलेटर
जिला प्रशासन ने लाॅडर्स हॉस्पिटल को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल बनाया है लेकिन, वहां भी केवल 5 वेंटीलेटर हैं। जिसमें से पीएम केयर फंड के 3 वेंटीलेटर एक दिन पहले लगे हैं। कुछ वेंटीलेटर और भी हैं। लेकिन, उनको अभी नहीं लगाया जा सका है।

सरकारी अस्पताल में 246 मरीज, निजी में 500
इस समय जिले के सरकारी अस्पतालों में कोरोना के 246 मरीज भर्ती हैं। जबकि निजी अस्पतालों में 500 से अधिक मरीज भर्ती हैं। करीब 156 मरीज आइसोलेशन बैड पर भर्ती हैं। जिले में आइसीयू के 129 बैड ही चिह्नित हैं। जिसमें से 100 से अधिक फुल हैं। खाली बैड की जानकारी भी नहीं है। जिले में सरकारी व निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन के 786 बैड बताए गए हैं। करीब 500 मरीज ऑक्सीजन पर हैं।

एक दिन में पाजिटिव आ रहे 1621, इंतजाम इतने से
एक नजर संक्रमण व इंतजामाें पर
इस समय जिले में कुल ऑक्सीजन बैड – 786
अब ऑक्सीजन बैड पर भर्ती – करीब 500
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन बैड पर – 200
जिले में आइसीयू बैड 129, भर्ती 98
जिले में वेंटिलेटर बैड 67 , भर्ती 54

यही कह रहे अधिकारी
10 वेंटिलेटर जयपुर भिजवा दिए गए थे। 6 वेंटिलेटर पहले सीएमएचओ को उपलब्ध कराए गए। चार की और मांग है। कुछ हम इंस्टॉल कर चुके हैं। इंजीनियर ओवरटाइम काम कर रहे हैं। उनको समय कम लग रहा है। सभी वेंटिलेटर काम लेंगे।
डॉ सुनील चौहान, पीएमओ, अलवर जिला अस्पताल

loading...
loading...

Check Also

कफनचोर गैंग के सपोर्ट में बोले BJP नेता- ये तो हमारे वोटर हैं.. छोड़ दीजिए योगीजी..

थोड़े ही दिन पहले मानवता को शर्मसार करने वाली खबर आई थी। कुछ लोगों के ...