Thursday , May 6 2021
Breaking News
Home / खबर / दो गांवों के बीच नफरत की दीवार खड़ी कर दिया कोरोना, अब लोगों को एक-दूसरे की शक्ल भी देखना बर्दाश्त नहीं

दो गांवों के बीच नफरत की दीवार खड़ी कर दिया कोरोना, अब लोगों को एक-दूसरे की शक्ल भी देखना बर्दाश्त नहीं

बालोद. जिले के गुरुर विकासखंड के दो गांवों के लोगों की कोरोना जांच (Corona test) और वैक्सीनेशन को लेकर आपस में ठन गई है। दोनों गांव के लोग एक दूसरे को अपने-अपने गांव में प्रवेश नहीं देने पर अड़ गया हैं। दरअसल बड़भूम व उसके आश्रित ग्राम दुग्गाबाहरा में कोरोना वैक्सीन व कोरोना जांच नहीं करवाने की बात को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। बड़भूम में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।

बड़भूम के ग्रामीणों का कहना है कि आश्रित गांव के लोग कोरोना टीका नहीं लगवाते हैं। इसके कारण उनके गांव में संक्रमण फैला है। वहीं आश्रित ग्राम दुग्गाबाहरा के ग्रामीणों का कहना है कि जब स्वस्थ हंै तो क्यों टीका लगवाएंगे और क्यों कोरोना जांच करवाएंगे। दरअसल आश्रित ग्राम के ग्रामीण सामान खरीदने बड़भूम आते थे। अब आश्रित ग्राम के ग्रामीणों को बड़भूम में आने से मना कर दिया।

 बड़भूम के ग्रामीणों को भी नहीं घुसने देंगे

ग्रामीण अपने ही बातों पर अड़े रहे। अभी तक ग्रामीणों के इस आपसी विवाद को सुलझाने कोई आगे नहीं आया। वहीं दुग्गाबाहरा के ग्रामीणों ने रात में बैठक लेकर भी निर्णय लिया कि हम भी बड़भूम के ग्रामीणों को आश्रित ग्राम में आने नहीं देंगे। दरअसल बड़भूम के कई किसानों का खेत भी आश्रित ग्राम में है।

दुग्गाबाहरा के लोग भी करवाएं जांच, गांव आने पर रोक नहीं
सरपंच ने बताया कि गांव में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि कुछ दिनों से स्थिति सामान्य है। आश्रित ग्राम के ग्रामीणों को भी कोरोना जांच करवानी चाहिए। क्योंकि उनका भी गांव में आना-जाना लगा रहता है। गांव में उनके आने पर रोक नहीं है। कोरोना जांच व टीका लगवाएं और गांव में आ जाएं।

यह है मामला
बड़भूम के सरपंच शिवम कुमेटी ने बताया कि हमारे गांव में वर्तमान में 56 कोरोना संक्रमित है। इस वजह से गांव को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। आश्रित ग्राम दुग्गाबाहरा का कोई व्यक्ति गांव आया था, उससे किसी ने कह दिया कि आपके गांव वाले कोरोना जांच नहीं कराते हैं और न ही वैक्सीन लगवाते हैं। गांव में आना-जाना बंद करो। दुग्गाबाहरा के ग्रामीण ने अपने ग्राम प्रमुख को इसकी सूचना दी। फिर गांव बैठक हुई। ग्रामीण राजेश सोरी, ग्राम पटेल बिसम्भर ठाकुर, ने बताया कि जब गांव के लोगों को कोई परेशानी नहीं है तो क्यों कोरोना टीका लगवाएं और जांच करवाएं।

loading...
loading...

Check Also

महाराष्ट्र में कोरोना : लापरवाही से ‘स्वैब स्टिक’ बनाते मिले बच्चे, न हाथ में ग्लव्स और न चेहरे ढंके हुए

मुंबई. महाराष्ट्र में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ठाणे के उल्हासनगर में कोविड टेस्टिंग ...