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8346 करोड़ से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे बनाई योगी सरकार, पहली मानसून में ही 26 जगह धंसा

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पहले मानसून की बारिश में ही 26 जगहों से उखड़ गया। कहीं मिट्टी तो कहीं सड़क धंस गई। एक्सप्रेस-वे के चौथे खंड (डासना-मेरठ) में पानी निकासी के लिए बनाई गई ज्यादातर सीमेंटेड नालियां मिट्टी दरकने से बह गई हैं।

एक हिंदी अखबार के रिपोर्टर ने 90 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे का दौरा किया तो तमाम खामियां सामने आईं। अत्याधुनिक मशीनों से तैयार हुए इस हाईवे की गुणवत्ता पर पहले मानसून ने सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल देखरेख करने वाली कंपनी जीआर इन्फ्रा के कर्मचारी अब सीमेंटेड नालियां दुरुस्त करने में जुटे हैं, ताकि एक्सप्रेस-वे को और ज्यादा नुकसान न हो।

100 मीटर में दो जगह सड़क धंसी
मेरठ से चलते ही परतापुर स्थित टोल प्लाजा के नजदीक दो जगह पर सड़क की एक लेन क्षतिग्रस्त हो गई है। दोनों जगहों पर करीब 5-5 मीटर लंबी सड़क पांच फीट तक धंस गई है। इससे हाईवे किनारे निकल रहे तार भी टूट गए हैं। रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। दरअसल, इन दोनों जगहों पर बारिश का पानी भर गया था। इस वजह से हाईवे किनारे की मिट्टी दरकती चली गई और फिर सड़क भी धंस गई।

परतापुर स्थित टोल प्लाजा के नजदीक दो जगह पर सड़क की एक लेन क्षतिग्रस्त
परतापुर स्थित टोल प्लाजा के नजदीक दो जगह पर सड़क की एक लेन क्षतिग्रस्त

सड़क का मलबा टोल प्लाजा की लेन पर गिरा
यह तस्वीर दिल्ली से आते वक्त भोजपुर टोल प्लाजा को उतरने वाले रास्ते की है। एक्सप्रेस-वे की छह मीटर लंबी सड़क धंस गई है। इसका मलबा टोल प्लाजा की लेन पर आ गया है। एनएचएआई या निर्माण कंपनी ने यहां किसी तरह के संकेतक नहीं लगाए हैं। अगर भारी वाहन इस सड़क से गुजर गया तो हादसा हो सकता है।

एक्सप्रेस-वे की छह मीटर लंबी सड़क धंस गई है।
एक्सप्रेस-वे की छह मीटर लंबी सड़क धंस गई है।

कलछीना में हाइड्रा मशीन से दुरुस्त कर रहे नालियां

कलछीना गांव के पास सात जगहों पर हाईवे किनारे की मिट्टी धंस गई है। एक स्थान पर किनारे के डिवाइडर भी टूट गए हैं। हाइड्रा मशीन लगाकर सीमेंटेड नालियों को दुरुस्त किया जा रहा है। जबकि जेसीबी से धंसी हुई मिट्टी को भरा जा रहा है। यहां मौजूद जीआर इन्फ्रा के एक कर्मचारी ने बताया कि बारिश के पानी से मिट्टी बैठ गई। नीचे की जमीन खाली होने से सड़क भी धंस गई। मिट्टी एक बार जगह बना ले तो आगे फिर दिक्कत नहीं होती।

हाइड्रा मशीन लगाकर सीमेंटेड नालियों को दुरुस्त किया जा रहा है।
हाइड्रा मशीन लगाकर सीमेंटेड नालियों को दुरुस्त किया जा रहा है।

दुहाई के नजदीक पांच जगह सड़क टूटी

दुहाई कट पर पांच जगह सड़क धंसकर टूट गई है। हाईवे पर पांच से सात फीट तक धंसे हुए स्थान साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। इन स्थानों को बैरीकेड्स किया गया है, ताकि कोई हादसा न हो। दुहाई के ऊपर निकल रहे एक्सप्रेस-वे के फ्लाईओवर पर ही दो जगह से सड़क टूटी पड़ी है। जेसीबी से मरम्मत का कार्य जारी था।

हाईवे पर पांच से सात फीट तक धंसे हुए स्थान साफ तौर पर नजर आ रहे हैं।
हाईवे पर पांच से सात फीट तक धंसे हुए स्थान साफ तौर पर नजर आ रहे हैं।

कर्मचारी बोले- एक हफ्ते में 50 से ज्यादा नालियां ठीक की

दुहाई कट पर जीआर इन्फ्रा के कुछ कर्मचारी मरम्मत कार्य करते मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि वह दिल्ली से मेरठ की तरफ जा रहे हैं। रास्ते में एक्सप्रेस-वे किनारे जितनी भी जगह सड़क टूट गई है, मिट्टी धंस गई है या सीमेंटेड नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं, उनको ठीक कर रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में वह 50 से ज्यादा सीमेंटेड नालियां दोबारा लगा चुके हैं ताकि बारिश का पानी तुरंत बह जाए और हाईवे पर जमा न होने पाए।

एक हफ्ते में वह 50 से ज्यादा सीमेंटेड नालियां दोबारा लगाई गईं।
एक हफ्ते में वह 50 से ज्यादा सीमेंटेड नालियां दोबारा लगाई गईं।

इंदिरापुरम कट बन जाता है तालाब

इंदिरापुरम कट पर सड़क का डिजाइन इस तरह का है कि 10 मिनट की बारिश से यहां एक-डेढ़ फीट तक पानी भर जा रहा है। चार पहिया वाहन जैसे-तैसे निकल जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को हो रही है। इससे एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम भी लग जाता है। लोगों ने बताया, पानी निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। इससे जलभराव की दिक्कत आ रही है।

10 मिनट की बारिश से यहां एक-डेढ़ फीट तक पानी भर जा रहा है।
10 मिनट की बारिश से यहां एक-डेढ़ फीट तक पानी भर जा रहा है।

चिपियाना ओवरब्रिज पर 10 मिनट की बारिश में जलभराव

गाजियाबाद में चिपियाना के नजदीक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से सड़क संकरी है। मामूली बारिश में यह संकरी सड़क तालाब जैसी बन जाती है। कई बार तो दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता है।

एक नजर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे

  • 31 दिसंबर 2015 को पीएम ने आधारशिला रखी
  • 96 किलोमीटर कुल लंबाई
  • 8346 करोड़ लागत आई
  • 4 चरणों में बनकर तैयार हुआ
  • मार्च-2021 में वाहन संचालन शुरू

NHAI पीडी बोले- लगातार मरम्मत कर रहे कर्मचारी

NHAI गाजियाबाद के परियोजना निदेशक मुदित गौड़ ने बताया, एक्सप्रेस-वे के चौथे खंड में बारिश के चलते कुछ स्थानों पर मिट्टी धंसने की शिकायतें आई हैं। देखरेख करने वाली कंपनी जीआर इन्फ्रा के कर्मचारी मशीनों के साथ लगातार मरम्मत कार्य कर रहे हैं। सीमेंटेड नालियों को ठीक किया जा रहा है ताकि पानी निकासी व्यवस्था बनी रहे।

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