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सुशील कुमार का अड्‌डा था छत्रसाल स्टेडियम, बकाया मांगने वालों को यहीं पीटता, बच्चों के राशन का पैसा भी खाया

ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान सुशील कुमार की पुलिस रिमांड 4 दिन और बढ़ गई है। उसका दोस्त प्रिंस सरकारी गवाह बनने को तैयार है। पहलवान सागर राणा की पिटाई करते सुशील का जो वीडियो सामने आया है, वह प्रिंस ने ही बनाया था। मगर जुर्म की दुनिया में सुशील कुमार की आमद अचानक नहीं थी। जिस छत्रसाल स्टेडियम में हुई मारपीट और सागर राणा की मौत के बाद सुशील अचानक चर्चा में आया है, उसी स्टेडियम का प्रशासक बनने के साथ उसके पतन की कहानी शुरू हुई थी।

छत्रसाल स्टेडियम डेढ़ साल से गुंडागर्दी का अड्‌डा बन गया था। पहलवानों के लिए आवासीय न होने के बावजूद यहां 300 पहलवान अवैध रूप से रहते हैं। इनमें 200 सीनियर हैं और इनकी निगरानी की भी कोई व्यवस्था नहीं। गुंडों का जमावड़ा देखकर अच्छे घरों के लोग अपने बच्चों को स्टेडियम जाने से रोकने लगे थे। सुशील और उसके गुर्गे आए दिन स्टेडियम में लोगों को बुलाकर मारपीट करते थे। यहां तक कि पहलवानी सीखने आए बच्चों की खुराक का पैसा लेकर सुशील और उसके गुर्गे हजम कर जाते थे।

पहलवानी सीखने आए बच्चों के राशन का पैसा सुशील खा गया, दुकानदार ने बकाया मांगा तो घर से उठवा लिया; स्टेडियम में 40 पहलवानों ने पीटा

मॉडल टाउन में स्टेडियम के सामने परचून की दुकान चलाने वाले सतीश गोयल बताते हैं कि 18 साल से स्टेडियम में परचून का सामान दे रहे थे और हर महीने की 10 तारीख को हिसाब होता था। मैं बकाया 4.50 लाख मांगने गया तो सुशील टालता रहा। बच्चों से पता चला कि सुशील ने सबसे रुपया तो ले लिया है। मैंने तकादा किया तो सुशील के गुर्गे अशोक ने मुझे जबरदस्ती घर से उठाया और स्टेडियम ले आया। मैं गिड़गिड़ाया की पैसे न मिले तो मर जाऊंगा। तो सुशील ने कहा कि ले मर और मारना शुरू कर दिया। वहां जमा सभी 40 लोगों ने हमला बोल दिया। उसमें कुछ सुशील के गुर्गे और कुछ पहलवान थे।

अशोक और धर्मेंद्र ने सुशील को खत्म कर दिया

इंटरनेशनल मेडलिस्ट रहे कुश्ती कोच वीरेंदर कहते हैं कि सुशील सहपाठी होने के साथ साढ़ू भाई भी है। सुशील के ससुर मेरी पत्नी के मामा हैं। सुशील और सागर के 2013 से ही बहुत अच्छे संबंध थे लेकिन किसी तरह की प्रतिद्वंद्विता नहीं थी। अशोक और धर्मेंद्र ने सुशील को तबाह कर दिया। ये दोनों स्टेडियम में नौकरी नहीं करते थे। लेकिन 24 घंटे सुशील के साथ रहकर रास्ता भटका दिया। इनके कारण आज सुशील जेल में है और ये दोनों अब स्टेडियम में पैर भी नहीं रख सकते।स्टेडियम में कई सालों तक रसाईया रहे वीरपाल बताते हैं कि किसी भी पहलवान में ऐसा घमंड नहीं देखा जैसा सुशील के सिर चढ़ा था। वो जिसे चाहता था नौकरी पर रखता था और जिसे चाहता था स्टेडियम में पैर नहीं रखने देता था। मैंने वेतन मांगा तो मुझे कह दिया कि गेट से घुसना नहीं।

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