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आगरा: 8.5 करोड़ की डकैती का मास्टरमाइंड है खानदानी अपराधी, दो भाइयों का हुआ एनकाउंटर, बहन पर भी 8 केस दर्ज

आगरा में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में 8.5 करोड़ रुपए की डकैती का मास्टरमाइंड नरेंद्र यादव उर्फ लाला और उसके दो साथी अंशू व प्रशांत फरार हैं। पुलिस ने नरेंद्र यादव का आपराधिक इतिहास खंगाला तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। नरेंद्र ही नहीं बल्कि उसके परिवार के कई सदस्य शातिर अपराधी हैं। नरेंद्र का भाई जयहिंद यादव शातिर अपराधी था। इनकी बहन विजय उर्फ विजइया भी शातिर अपराधी है। वो कई बार जेल जा चुकी है।

नरेंद्र ने ली थी अशोक दीक्षित को मारने की सुपारी
डकैती का मास्टर माइंड नरेंद्र यादव फिरोजाबाद के दक्षिण थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसने फिरोजाबाद के हिस्ट्रीशीटर अशोक दीक्षित की हत्या की 14 साल पहले साल 2007 में सुपारी ली थी। उसने जेल में हत्या के लिए घी के डिब्बे में पिस्टल मंगवाई थी। मगर, वो अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाया था।

नरेंद्र दो माह पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया है। इसके बाद उसने इस डकैती की घटना को अंजाम दिया है। थाना दक्षिण में नरेंद्र के खिलाफ 15 मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस अभी नरेंद्र को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

भाइयों का हुआ था एनकाउंटर, बहन भी अपराधी
नरेंद्र का भाई जयहिंद भी अपराधी था। उसने फिरोजाबाद में दिनदहाडे़ दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद आगरा के यमुना ब्रिज पर मुठभेड़ में आगरा और फिरोजाबाद पुलिस ने उसे मार गिराया था। नरेंद्र का दूसरा भाई भी अपराधी था। उसका भी पुलिस ने एनकाउंटर किया था। इसके अलावा इसकी बहन विजइया भी शातिर अपराधी है। वो लूट, चेन स्नेचिंग के कई मामलों में जेल जा चुकी है। फिरोजाबाद के थाना दक्षिण में उसके खिलाफ 8 मुकदमें दर्ज हैं।

गैंग में शामिल करता है नए लोग
बताया गया है कि नरेंद्र अपने गैंग के सदस्यों को बदलता रहता है। वह नए लोगों को अपने गैंग में शामिल करता है। उसकी प्राथमिकता नए लड़के या जिन पर कम मुकदमे हों उन्हें रखने की होती है, जिससे कि उनके पकडे़ जाने की संभावना कम हो। इस बार भी उसने ऐसा ही किया। मुठभेड़ में मारे गए निर्दोष का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। वहीं फिरोजाबाद के रहने वाले फरार अपराधी अंशू और प्रभात कुमार का आपराधिक इतिहास पुलिस तलाश रही है।

अभी तीन चल रहे फरार, तलाश जारी

कमलानगर में मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड कंपनी का ऑफिस है। शनिवार की दोपहर 4 बदमाशों ने स्टाफ को बंधक बना लिया था। जिसके बाद बदमाशों ने 17 किलो सोना और 5 लाख रुपए लूट ले गए थे। बदमाशों ने यह पूरी घटना महज 25 मिनट में अंजाम दी। बदमाश दोपहर 2.05 बजे ऑफिस में घुसे थे। इसके बाद 2.30 बजे बाहर निकल गए। वारदात के समय कंपनी में कोई ग्राहक नहीं था। अंदर 4 कर्मचारी थे। इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मृतकों की शिनाख्त फिरोजाबाद के रहने वाले मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार के रुप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से लूट का आधा माल और दो तमंचे व कारतूस बरामद किए थे। इनके दो साथी नरेंद्र उर्फ लाल और अंशु व एक अन्य फरार है।

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