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बिहार : सबसे बड़े अस्पताल में कोरोना मृतक का चेहरा दिखाने का 1000 रुपए मांग रहे दलाल, घर ले जाने का 10 हजार चार्ज

बिहार के सबसे बड़े अस्पताल PMCH में शव पर दलाली हो रही है। यहां कोरोना से मरने वालों के शव का चेहरा दिखाने का चार्ज 1000 रुपए और घर ले जाने का 10 हजार रुपए दलाल मांग रहे हैं। मीडिया  की पड़ताल में दलालों का पूरा खेल बेनकाब हो गया। मीडिया ने बेगूसराय की मृतक मीना देवी के दामाद टुनटुन साव से बात की तो उसने दलालों से हुई सारी बातों के बारे में बता दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल से पहले दलालों ने फोन कर बुला लिया। इसके बाद पटना मेडिकल कॉलेज में सौदेबाजी होने लगी।

टुनटुन साव ने बताया कि दोपहर 3 बजे का वक्त था। मीना देवी की लाश को दिखाने के लिए दलाल उसके परिजनों पर पैसे देने का दबाव बना रहे थे। करीब 15 मिनट तक मोलभाव होता रहा। अंत में 1000 रुपए पर बात फाइनल हुई। दलालों ने एक हजार लेकर मीना देवी का चेहरा परिवार वालों को दिखाया। इसके बाद शव को घर लेकर जाने का लालच देकर 10 हजार रुपए की डिमांड की गई। दलालों ने कहा कि लाश का अंतिम संस्कार आप घर ले जाकर कर सकते हैं। हम लोग भी तैयार हो गए, लेकिन बाद में दलालों ने कहा कि 10 हजार में पटना में ही अच्छे तरीके से अंतिम संस्कार करा दिया जाएगा।

1000 मुंह दिखाई पर खुली थी पोल
पटना मेडिकल कॉलेज में जिस संक्रमित को जिंदा में मरा बताकर दूसरे की डेड बॉडी दी गई थी, इस मामले में भी 1000 देकर मुंह देखने से पूरा खुलासा हुआ था। उस मामले में चुन्नू के भाई मनीष ने बताया कि घटना का खुलासा उस दिन नहीं हो पाता, अगर दलालों को एक हजार देकर मुंह नहीं देखा होता। दलाल मौत की सूचना के बाद ही पैसा वसूलने में लग गए थे। पहले मुंह दिखाने के लिए एक हजार रुपया मांग और फिर अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार की डिमांड की, लेकिन मुंह दिखाई में ही पूरा पोल खुल गया था।

अस्पतालों में है दलालों की सेटिंग
अस्पतालों में दलालों की सेटिंग है। वह कैंपस में ही घूमते रहते हैं और ऐसे मरीजों के परिजनों का नंबर जुगाड़ कर लेते हैं, जिनकी हालत गंभीर होती है। मौत की सूचना मिलने के बाद ही वह संबंधित परिजनों को फोन करते हैं और शव पर सौदेबाजी शुरू हो जाती है। PMCH से लेकर NMCH, IGIMS और AIMS तक इनका नेटवर्क फैला है। प्राइवेट अस्पतालों में भी इनकी पकड़ है, मौत की सूचना मिलते ही दलालों का नेटवर्क एक्टिव हो जाता है।

कोरोना से मौत के बाद सिस्टम मार रहा
कोरोना से मौत के बाद परिवार वालों को सिस्टम मार रहा है। मुंह दिखाई से लेकर अंतिम संस्कार तक का रेट फिक्स है। अस्पतालों में दलालों की सेटिंग से हर लाश पर सौदा होता है। मौत के पटना मेडिकल कॉलेज से लेकर शहर के सभी हॉस्पिटल में एक जैसा हाल है। यहां मौत के बाद लाश पर बोली लगाने वाले दलालों के नेटवर्क में एम्बुलेंस चालक भी शामिल हैं।

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