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मोदी के कहने पर भी मोमबत्ती नहीं जलाए मुस्लिम परिवार, समर्थकों ने चला दिए धारदार हथियार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिया– मोमबत्ती जलाओ टास्क के कई दुष्परिणाम भी सामने आए हैं। कहीं इस टास्क के चलते लॉकडाउन का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया तो कहीं इस टास्क को अंजाम ना देने वालों पर जानलेवा हमला किया गया।

मामला हरियाणा के जींद के ठाठरथ गांव का है। जहां सोमवार सुबह एक मुस्लिम परिवार पर हिन्दू पड़ोसियों ने धारदार हथियार से सिर्फ इसलिए हमला कर दिया क्योंकि उसने पीएम मोदी की अपील पर अपने घर की लाइट बंद नहीं की थी। इस हमले में मुस्लिम परिवार के चार सदस्य बुरी तरह घायल हुए हैं। उनका इलाज जींद के एक अस्पताल में चल रहा है।

इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार किया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले के सभी पहलुओं की जांच चल रही है। आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।

हमले में घायल हुए मुस्लिम परिवार के सदस्य बशीर खान ने घटना की जानकारी देते हुए बीबीसी को बताया कि उनका परिवार पीएम मोदी कि अपील का पालन कर रहा था। लेकिन उस वक़्त बाहर के बल्ब को बुझाना भूल गया। जिसके चलते पड़ोसियों ने उन्हें गाली देना शुरू कर दी।

बशीर ने बताया कि गाली गलौच के बाद रात में तो मामला ठंडा हो गया लेकिन सुबह फिर से पड़ोसियों ने उन्हें गाली देनी शुरू कर दी। जिसके बाद उन्होंने पूछा कि वो लोग उन्हें गाली क्यों दे रहे हैं। इसी दौरान तकरीबन दर्जन भर पड़ोसी उसके छोटे भाई सादिक पर टूट पड़े और उसे धारदार हथियार से पीटने लगे।

बशीर ने बताया कि जब सादिक को बचाने के लिए हम तीनों भाई आगे बढ़े तो इन लोगों ने हम लोगों पर भी हमला बोल दिया। इस हमले में हम चारों भाइयों को हाथों, पैरों, चेहरे और सिर पर चोटें आई हैं। छोटे भाई संदीप को गंभीर चाटें आई हैं। उसकी हालत ठीक नहीं है और उसे जींद ज़िला अस्पताल ने इलाज के लिए पीजीआईएमएस रोहतक रेफ़र किया है।

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