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मौत के आंकड़े छुपा रही राजस्थान सरकार, चिताओं के ठंडी होने तक एंबुलेंस में शव कर रहे इंतजार

जयपुर. कोरोना महामारी की दूसरी लहर जान पर भारी पड़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में संक्रमण से रोजाना 70 से 80 मरीजों की मौत हो रही है। जबकि राजधानी जयपुर में मौत का आंकड़ा 8 से 10 के बीच होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, हकीकत अलग है। मंगलवार दोपहर को मीडिया जयपुर के आदर्श नगर स्थित मोक्षधाम पहुंची और जो देखा वो हम आपको बता रहे हैं।

यहां मोक्षधाम के बाहर से ही एक साथ काफी चिताओं की लपटें उठती नजर आईं। मोक्षधाम में प्रवेश करने पर पता चला कि दोपहर करीब 2 बजे मोक्षधाम के एक हिस्से में आठ चिताएं एक साथ जल रही थीं। वहीं कुछ दूरी पर पीपीई किट पहने बैठे परिजन बिलख रहे थे। वे एकटक गुमसुम से अपनों को विदाई दे रहे थे।

इन्हीं में कुछ ऐसे भी शव थे जो कि लावारिस थे। जिनकी न कोई पहचान थी और न कोई अपना उनको अंतिम विदाई देने पहुंचा था। ऐसे में श्री नाथ गौशाला ट्रस्ट की तरफ से मोक्षधाम में मौजूद कर्मचारी ही इन चिताओं की अग्नि देने में जुटे हुए थे। वहां मौजूद पंडित श्याम ने बताया कि इतनी मौतें तो पिछले साल भी नहीं देखी थी। अब तो रोजाना एक चिता ठंडी नहीं होती। तब तक दूसरी लाश आ जाती है। कुछ दिनों से यह सिलसिला बढ़ गया है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर की मां सहित 18 कोविड शवों का दोपहर 3:30 बजे तक अंतिम संस्कार

गमगीन माहौल के बीच घोर सन्नाटे को चीरते हुए एक के बाद एक हर आधा घंटे में एंबुलेंस शवों को लेकर आदर्श नगर मोक्षधाम पहुंच रही थी। वहां मौजूद दमकलकर्मी इन गाड़ियों और मोक्षधाम के आसपास के इलाके को सैनेटाइज कर रहे थे। भास्कर संवाददाता करीब 3 घंटे वहां मौजूद रहा। इस बीच पता चला कि दोपहर करीब 3:30 बजे तक कोविड पॉजिटिव 18 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका था।

इनमें जयपुर के पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव की माताजी भी शामिल थीं। इसके बाद भी देर शाम तक शवों के आने का सिलसिला बरकरार था। इनमें नगर निगम की आठ गाड़ियां लगी हुई हैं। जो शवों को नि:शुल्क मोक्षधाम तक पहुंचा रही हैं।

मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिए दिखाई अंत्येष्टि, बेटी ने दी मां को मुखाग्नि

कोविड गाइड लाइन और महामारी के डर से लोग मोक्षधाम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में ज्यादातर शव संबंधित अस्पताल की मोर्चरी से सीधे एंबुलेंस के जरिए आदर्श नगर मोक्षधाम पहुंच रहे हैं। वहीं, मालवीय नगर निवासी रेखा जारानी की चिता को उनकी बेटी मुखाग्नि दे रही थी। शव के साथ छह लोग मौजूद थे। इसमें चार महिलाएं शामिल थी।

रोते-बिलखते परिजन कर्मचारियों की मदद से अंतिम संस्कार की क्रिया कर रहे थे। परिवार की महिलाएं घरों में मौजूद अपने नजदीकी परिजनों को मोबाइल फोन पर वीडियो कॉलिंग के जरिए लाइव अंत्येष्टि दिखा रहे थे। परिजनों ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव रेखा की सोमवार रात को तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

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