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रायपुर के लॉकडाउन में फेल हुआ ठेला सिस्टम, अब होम डिलीवरी पर नया प्रयोग किया प्रशासन

रायपुर. राजधानी रायपुर कोरोना (Corona Cases in Raipur) की बेकाबू रफ्तार को देखते हुए जिला प्रशासन ने आज से लॉकडाउन की अवधि 26 अप्रैल से 6 मई तक कर दिया है। बीते 9 अप्रैल से Lockdown लगाया गया है। तकरीबन 15 दिन बाद लोगों के घरों का राशन और किराना अब खत्म होने लगा है। राहत के रूप में कलेक्टर ने अनाज और किराना की होम डिलीवरी का आदेश जारी किया है।

इससे पहले 19 अप्रैल से ठेलों से ग्रोसरी आइटम बेचने की अनुमति दी थी। लेकिन इसका फायदा लोगों को नहीं मिला। होम डिलीवरी के लिए किराना और सब्जियों के विक्रेताओं का मोबाइल नंबर भी नगर निगम द्वारा जारी किया गया है। इनसे भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। अधिकांश व्यापारी आर्डर लेने से मना कर रहे हैं। कुछ तो दो दिन बाद डिलीवरी करने की बात कर रहे हैं। जो खाद्य पदार्थ घरों तक पहुंचा भी रहे है उनकी गुणवत्ता और कीमत भी संदेह के दायरे में है।

यह घर तक होगा डिलीवरी
मटन, मछली एवं किराना सामग्री की होम डिलीवरी फल, सब्जी, अंडा, पोल्ट्री, मटन, मछली एवं किराना सामग्री/ग्रॉसरी की होम डिलीवरी सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक स्ट्रीट वेंडर्स/ठेले वालों/पिक-अप/मिनी ट्रक/ छोटे वाहन के माध्यम से की जाएगी।

कैसे होगी व्यवस्था
कलेक्टर ने रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक थोक बाजारों को चिल्हर व्यापारियों के लिए खोलने का आदेश दिया है। फुटकर व्यापारी रात भर होम डिलीवरी के सप्लाई के लिए खरीदी करेंगे। इसके बाद सुबह 6 बजे से फिर होम डिलीवरी करेंगे। ऐसे में रात भर सोए बिना चिल्हर व्यापारी कैसे होम डिलीवरी करेंगे।

नहीं मिल रहे डिलीवरी ब्वाय
आम जनता के लिए दुकान खोले बिना किराना दुकानों से दुकानदार द्वारा स्वयं या डिलीवरी बॉय के माध्यम से होम डिलीवरी की अनुमति दी गई है। अहम बात यह है कि छोटी दुकानों में दुकानदार और एक कर्मचारी ही रहते हैं ऐसे में 1000 से 2000 की आबादी के लिए दो लोग डिलीवरी कैसे दे पाएंगे। दुकानदारों का कहना है कि ऐसे संक्रमण काल में अतिरिक्त डिलीवरी ब्वाय कहां से रखेंगे।

ठेले और माल वाहकों को किराया दोगुना
व्यापारियों ने बताया कि वैसे तो माल वाहकों का किराया महज 1500 रुपए रोज अतिरिक्त डीजल के साथ मिल जाता था। अब यह किराया दो हजार से 2500 रुपए हो गया है। ठेलों का किराया 200 रुपए रोज था वह 500 हो गया है। डिपाजिट 5000 रुपए मांगा जा रहा है।

छह से सात दिन बाद डिलीवरी
स्थानीय ऑनलाइन शॉप तथा ई-कामर्स सेवाएं जैसे अमेजॉन, फ्लिपकार्ट निर्धारित समय के भीतर होम डिलीवरी के लिए अनुमति प्रदान की गई। लेकिन शॉप/स्टोर आम जनता के लिए नही खुलेगें। अहम बात यह है कि यह सभी छह से सात दिन डिलीवरी की डेट दे रहे हैं।

रायपुर कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा, लोगों की सुविधा और संक्रमण रोकने के लिए यह सिस्टम शुरू किया गया है। होम डिलीवरी में क्वालिटी और क्वांनटिटी से संबंधित शिकायत खाद्य विभाग को कर सकते हैं।

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