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तीसरी लहर की आशंका: पन्ना में 3 मासूमों की मौत, लीपापोती में जुटा प्रशासन!

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के बीच पन्ना जिले एक गांव में तीन मासूम बच्चों की संदिग्ध बीमारी से मौत का मामला सामने आया है। जिले के ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर की आदिवासी बस्ती चांदमारी मानस नगर में 7 दिन में 3 मासूम बच्चों की संदिग्ध बीमारी के चलते मौत हुई। वहीं 14 बच्चों और परिजनों के बीमार होने की भी जानकारी सामने आई।

मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से यह खबर फैलते ही सक्रिय हुए प्रशासन ने मामले को दबाने के सभी हथकंडे अपनाना शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोग इसे अभी भी इन मौतों को संदिग्ध बता रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत बता रहे हैं।

लीपापोती में जुटा प्रशासन

सोमवार को मामला सामने के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग, राजस्व अमला गांव पहुंचा था और ग्रामीणों से बीमारी के बारे में पूछताछ की थी, लेकिन यह बात सार्वजनिक होते ही प्रशासन इसे दबाने की कोशिश में जुट गया है।

आदिवासी बस्ती में है सुविधाओं का टोटा

ग्राम पंचायत पुरषोत्तमपुर आदिवासी बस्ती में मूलभूत सुविधाओं का अकाल है। यहां न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही सड़क, बिजली और अन्य चीजों की। गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, उषा कार्यकर्ता हमेशा गांव से नदारद रहती हैं। गांव में न तो समय से राशन मिलता और न ही पोषण आहार बंटता।

कब्रिस्तान का पानी पीने को मजबूर हैं आदिवासी

आदिवासी बस्ती के लोग पीने के पानी के लिए मुर्दों के ऊपर से होकर गुजरते हैं। जिस कब्रिस्तान में लोग दिन में जाने से डरते हैं। आदिवासी बस्ती के लोग वहीं से पीने और दैनिक उपयोग का पानी लाते हैं। गांव में लगा एकमात्र हैंडपंप खराब पड़ा है।

कलेक्टर और CMHO की बात में है विरोधभास

3 मासूमों की मौत पर जिला कलेक्टर और CMHO के बयानों में ही विरोधाभास है। जहां कलेक्टर संजय मिश्रा ने बच्चों के बेहतर इलाज के लिए उन्हें 1 हफ्ते तक निगरानी में रखने की बात कही है तो वही CMHO डॉ. आरएस पांडेय ने कलेक्टर की बात को सिरे से खारिज करते हुए सभी बच्चों और परिजनों की छुट्टी होने की बात कही है।

लोग जता रहे तीसरी लहर की आशंका

आदिवासी बस्ती में हफ्तेभर के अंदर हुई तीन मासूमों की मौत से गांव में स्थानीय निवासी इसे कोरोना की तीसरी लहर आने की शुरुआत बता रहे हैं। प्रशासन ने जांच करवाने का भरोसा दिया है।

इनकी हुई थी मृत्यु

1. शिवा आदिवासी पिता बबलू आदिवासी (4), मृत्यु- 27 जून को

2. रश्मि आदिवासी पिता छोटेलाल आदिवासी (3), मृत्यु- 2 जुलाई

3. विनीता आदिवासी पिता अजय आदिवासी (3) मृत्यु- 2 जुलाई

बीमार- गांव के 14 बच्चे बीमार बताए जा रहे हैं।

CMHO का जांच प्रतिवेदन

पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आर एस पांडेय के कार्यालय ने 6 जुलाई को अपना जांच प्रतिवेदन जारी किया है। जिसमें बच्चों की मौत का कारण सर्दी जुखाम और वजन कम होना बताया जा रहा है। दबाव बढ़ने पर मंगलवार को CMHO आदिवासी बस्ती पहुंचे थे।

इनका कहना है

मामले में पन्ना कलेक्टर संजय मिश्रा ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर सर्दी जुखाम के कारण बच्चों की मौत हुई है। कोरोना जांच निगेटिव निकली है। एहतियात के तौर पर हमने उन डॉक्टरों को तलब किया है। जिन्होंने इन मृत बच्चों का इलाज किया है। डॉक्टरों द्वारा लिखे प्रिस्क्रिप्शन मंगवा लिए गए हैं। CMHO इसकी जांच कर रहे हैं। हमारी टीम ने आज गांव में कैम्प किया है। सभी बीमार बच्चों को एक हफ्ते तक मॉनिटर किया जाएगा। खतरे की कोई बात नहीं है।

जिले के CMHO आरएस पांडेय ने कहा यह सही बात है कि 3 बच्चों की मौत हुई है। जो एक सामान्य घटना है। इसका मुझे दुःख है। कोई संदिग्ध मौत नही हुई। एक बच्चा कुपोषण से खत्म हुआ बाकी 2 सर्दी खासी से। बच्चों की एक हफ्ते मोनिटरिंग करने वाली कोई बात नहीं है। सबको सामान्य लक्षण थे तो छुट्टी दे दी गयी है। लोग झूठी अफवाह उड़ा रहे हैं।

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