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सरकार से सिर्फ एक सवाल- लॉकडाउन से महामारी ख़त्म न हुई तो आगे क्या है प्लान ?

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिये लागू देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की मंगलवार को घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि संक्रमण पर रोक लगाने में लॉकडाउन के प्रभावी नतीजे मिले हैं । प्रधानमंत्री ने करीब 25 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि दूसरे चरण में लॉकडाउन का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जायेगा । और बुधवार को इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह नये क्षेत्रों में न फैले । प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में हालात खराब होने की आशंका नहीं होगी, वहां 20 अप्रैल के बाद कुछ राहत दी जा सकती हैं।

प्रधानमंत्री के इस फैसले का जहां हर राजनीतिक दल ने समर्थन किया है। वहीं जदयू से निष्कासित नेता और राजनीतिक रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर ने ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री से पूछा है कि 3 मई तक भी वांछित परिणाम नही आया तो क्या होगा।

दरअसल, प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर लिखा है कि लॉकडाउन 2 के तर्कसंगत और तौर-तरीकों पर अंतहीन बहस करना व्यर्थ है। हालांकि असली सवाल यह है कि अगर 3 मई तक इस चुने हुए रास्ते पर रहने पर भी परिणाम प्राप्त नहीं मिलता है, तो क्या होगा? क्या हमारे पास कोई वैकल्पिक योजना है या जो है, वो सही है?

यहां आपको बता दें कि प्रशांत किशोर लंबे समय तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में नौकरी कर चुके हैं। उन्होंने गुजरात में कुपोषण पर आलेख लिखा था, जिसके बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने साथ काम करने के लिए बुलाया था।

वीआईपी ने ‘लॉकडाउन’ अवधि में कर माफ करने की रखी मांग
उधर, कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में लागू लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाए जाने के बाद अब विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने सभी तरह के करों को माफ करने की मांग की है। बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल वीआईपी के सवर्ण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि सरकार को सभी तरह के कर को माफ करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब कोई काम हो ही नहीं रहा, तो कर (टैक्स) लेने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने खास तौर पर ट्रक मालिकों एवं सभी तरह के कॉमर्सियल वाहन मालिकों को राहत पहुंचाने की मांग करते हुए कहा कि लॉकडाउन से कुछ महीने पहले से ही बालू के व्यापार पर रोक लगाने से ट्रक मालिकों की हालत खराब हो गई है। सिंह ने कोरोना से जारी जंग में लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि देश को महामारी से बचाने का यही एक तरीका है। जब तब सोशल डिस्टेंसिंग नहीं होगी, कोरोना का चेन नहीं टूटने वाली। उन्होंने इस दौरान जरूरतमंदों को आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए सभी को आगे आने की अपील की।

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