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सावधान ! यूपी में साइबर क्रिमिनल गैंग सक्रिय, ऐसे डालते हैं डोरे

लखनऊ : साइबर क्रिमिनल अपराध के लिए नए नए पैंतरे अजमा रहे हैं. सोशल साइट्स के ज़रिए होने वाले अपराधों की तादाद दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. यूपी में कई साइबर क्रिमिनल्स के गैंग सक्रिय हैं और आर्थिक अपराध के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें, कार्ड क्लोनिंग कर रुपये ऐंठने, सोशल साइट्स हैक कर मजबूरी बता कर रुपये ऐंठने और ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग कर मीठी बातों के जाल में फंसा कर ब्लैक मेलिंग करने जैसी घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है. इस वर्ष अब तक साइबर अपराध की 5077 से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं.

साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि बीते दिनों मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी और बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव को अपना निशाना बना चुके हैं. हाल ही में साइबर अपराधियों ने मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी की फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर ठगी का प्रयास किया. दरअसल, जालसाज ने मुख्य सचिव के फेसबुक पेज की फेक आईडी बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा और दोस्ती स्वीकारने पर मजबूरी बता पैसे की डिमांड की. एक परिचित के डिमांड के बारे में कन्फर्म करने पर मामले की पोल खुली. फिर मुख्य सचिव ने मुकदमा दर्ज कराया.

ऐसे ही साइबर जालसाजों ने हाल ही में बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव को भी अपने जाल में फंसा लिया. एक अजनबी महिला ने उनसे फेसबुक पर दोस्ती की और कई दिनों तक उनसे बातें करती रही. विश्वास जमाने के बाद महिला ने वाट्सएप नंबर मांगा और वीडियो कॉलिंग शुरू कर दी. उसकी वीडियो कॉल रिसीव करते ही वह आपत्तिजनक वीडियो के खेल में फंस गए. अब केस दर्ज कर मामले की पुलिस जांच कर रही है. ऐसे ही साइबर सेल ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को पेंशन खाता अपडेट करने का झांसा देकर उनके खातों से लाखों रुपये उड़ाने वाला गैंग का खुलासा किया.टीम झारखंड के जामताड़ा से 5 साइबर अपराधियों को पकड़ कर लाई. इसके अलावा भी ऐसे कई मामले भी हैं, जहां पुलिस के लिए साइबर अपराधियों तक पहुंचना चुनौती है.


साइबर अपराध के आंकड़े.

पुलिस के आंकड़े खुद गवाह हैं कि साइबर अपराध किस रफ्तार से बढ़ रहा है, इस वर्ष अब तक साइबर अपराध की 5077 से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं. ऐसे में पुलिस के प्रयासों के साथ लोगों का इनके प्रति जागरूक होना भी बेहद जरूरी है.

ऐसे डालते हैं डोरे

मैं मुसीबत में हूं, मुझे 5000 रुपये की जरूरत है.गूगल पे, फ़ोन पे और पेटीएम से दे सकते हैं. फेसबुक पर खास दोस्त की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकारने के बाद साइबर अपराधी ऐसे डिमांड करते हैं….नौकरी चाहिए तो यहां रजिस्ट्रेशन कराएं. मैं बैंककर्मी हूं,आपका पेंशन खाता अपडेट करना है, कुछ सूचनाएं जल्द दीजिए नहीं तो खाता ब्लॉक हो जाएगा. इंटरनेट मीडिया पर ऐसे संदेश या फोन कॉल पर ऐसा जुमला सुनते ही सावधान हो जाइये.अपने नुकसान के डर या लालच में आकर कोई कदम उठाने से पहले सौ बार सोचिए.

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) के जरिये साइबर क्राइम की 54,100 से अधिक शिकायतें आई हैं. 564 में मुकदमें पंजीकृत किए गए और 16720 शिकायतों में अभी जांच चल रही है. पोर्टल के जरिये साइबर फाइनेंशिल फ्राड की वर्ष 2019 में अगस्त से दिसंबर माह के मध्य 1948 शिकायतें आई थीं. वर्ष 2020 में 17,261 शिकायतें आईं, जबकि इस वर्ष अब तक 24,071 शिकायतें आ चुकी हैं.
ADG साइबर क्राइम राम कुमार का कहना है कि आपको डेबिट व क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड और अपना ओटीपी और सीवीवी नंबर किसी भी व्यक्ति को शेयर न करें. UPI व PTM से पेमेंट लेने के लिए कभी “पिन” देने की आवश्यकता नहीं पड़ती. सिर्फ पेमेंट देने के लिए ही “पिन” देने की जरूरत पड़ती है. अगर कोई कहता है कि आप पिन डाल दीजिए आपके एकाउंट में पैसे आएंगे तो वह आप से चीट कर रहा है.बढ़ती शिकायतों के दृष्टिगत जांच के लिए संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं. जल्द ही हर जिले में साइबर थाना खोले जाने की योजना है. साइबर क्राइम की वारदातों पर अंकुश लगाने को उत्तर प्रदेश में लखनऊ, नोएडा समेत 16 रेंज मुख्यालयों में साइबर थाने स्थापित किए गए, ताकि हर जिले में एक साइबर थाना वजूद में आ सके.
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