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कोर्ट में केंद्र vs केजरीवाल : ‘हम 800 अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई कर रहे हैं, सिर्फ दिल्ली को शिकायत’

नई दिल्ली
दिल्ली में ऑक्सिजन की सप्लाई को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि अगर दिल्ली को 380 एमटी ऑक्सीजन भी मिलती है तो स्थिति मैनेजेबल है। जरूरी है सिस्टम का होना। हमने दिल्ली सरकार के चीफ सेक्रेटरी से इस मुद्दे पर बात की है। वहीं जयपुर गोल्डन और INOX ने ऑक्सिजन को लेकर दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

एसजी ने केंद्र के जवाब को पढ़ते हुए दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि दिल्ली सरकार को पर्याप्त ऑक्सिजन आवंटित की गई है, पर दूसरे राज्यों की तरह उसे प्लांट से यहां मंगवाने के लिए टैंक की व्यवस्था करने में नाकाम रही। लेकिन अब मुझे पता चला है कि सरकार ने एक वॉर रूम तैयार किया है।

वहीं जयपुर गोल्डन और INOX ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने सप्लाई चेन में बाधा डाल दी है। जो पहले सीधे अस्पताल को ऑक्सिजन की सप्लाई करता था उसने अब फोन उठाना बंद कर दिया है। दिल्ली सरकार भी नहीं उठाती है। हम कहां जाएं। जयपुर गोल्डन अस्पताल ने HC कहा कि दिल्ली सरकार की ब्यूरोक्रेसी मशीनरी हालात को कंट्रोल करने में पूरी तरह से फेल हो गई है।

INOX ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि हम दिल्ली में 45 अस्पतालों को ऑक्सिजन सप्लाई करते हैं और दिल्ली सरकार हमसे कह रही है कि आपको सिर्फ 17 अस्पतालों को ही सप्लाई करना होगा। मेरे बाकी अस्पतालों को कौन देगा ऑक्सिजन।

महाराजा अग्रसेन अस्पताल की ओर से कहा गया कि अगर हमें कहा जाए कि हम तमाम अथॉरिटीज से संपर्क करने की बजाए इस नोडल ऑफिसर को बताए कि अभी हमारे पास कितनी ऑक्सिजन है और हमें इतने की जरूरत है और वह कितने बजे तक मिल जाएगा तो हम किसी को परेशान नहीं करेंगे। मरीजों का बेहतर तरीके से ख्याल रख सकेंगे।

शांति मुकुंद हॉस्पिटल ने अदालत से कहा कि अभी तक हमें इस मुद्दे पर कोई क्लेयरिटी नहीं है। हमारा बफर स्टॉक रात को 10 बजे खत्म हो जाएगा। मैं दूसरे मरीजों को एडमिट नहीं कर पा रहा ,क्योंकि मुझे यही नहीं पता कि मौजूदा 92 मरीजों को ही रख पाएंगे या नहीं।

एसजी ने HC से कहा कि मौजूदा वक्त में जहां संक्रमण डायनैमिक है, वहां रीडिस्ट्रिब्यूशन करना पड़ रहा है जिससे उस राज्य का ध्यान रखा जा सके जहां अचानक से मामले सामने आ जाते है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी सवालों में घेरा। कोर्ट ने कहा जिम्मेदारी सिर्फ दिल्ली सरकार की ही नहीं, दोनों की है। दिल्ली सरकार द्वारा सिस्टम की कमी के आरोप पर हाई कोर्ट ने कहा कि हम आपके आवंटन के बारे में भी यह बात कह सकते हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से कहा कि ऑक्सिजन की कमी की वजह से 21 जानें चली गईं। HC ने केद्र सरकार से कहा कि हम आपके आंकड़ों में नहीं पड़ना चाहते हैं। हम मानते हैं कि आपने आवंटन पूरे विवेक से किया होगा। लेकिन आंकड़े बहुत अधिक अधिक हैं।

पीयूष गोयल, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ मिनिस्ट्री केंद्र ने कहा कि मैं आपको असली समस्या बताना चाहता हूं। दिल्ली सरकार के तीन आईएएस ऑफिसर के साथ में रातभर संपर्क में रहा। वे वाकई कड़ी मेहनत कर रहे हैं। एक भी अस्पताल से डिस्ट्रेस कॉल नहीं मिली। जिन 28 अस्पतालों के साथ समस्या आ रही है जिनमें जयपुर गोल्डन भी है, हो सकता है कि ये अस्पताल टाइड अप नहीं है इसीलिए समस्या आ रही है।

एसजी ने कहा कि भारत सरकार आप सरकार या वामपंथियों के साथ नहीं चल रही है। हम नागरिकों के साथ है। केरल और तमिलनाडु सरकार ने बेहतरीन काम किया है। सब जानते हैं कि मानव जिंदगी दाव पर लगी है, तो जरूरी है कि किसी भी चीज को इस वक्त ड्रैमाटाइज न किया जाए।

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