हस्तरेखा शास्त्र: हाथ की रेखाएं बताती हैं किस्मत, जानिए क्या कहती है आपकी भाग्य रेखा…

0
5

हस्तरेखा विज्ञान का हस्तरेखा से बहुत गहरा संबंध है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की रेखाओं से व्यक्ति के भाग्य से जुड़ी कई बातों का पता लगाया जा सकता है। हथेली व्यक्ति की मनोदशा को दर्शाती है। वहीं रेखाएं व्यक्ति के भविष्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।

हथेली की रेखा में भाग्य रेखा को महत्वपूर्ण माना जाता है। जिससे किसी के व्यवसाय, नौकरी और जीवन की सफलता और असफलता को जाना जा सकता है। कलाई के बीच से शुरू होकर ऊपर की ओर जाने वाली रेखा भाग्य रेखा कहलाती है। यह रेखा अनामिका के नीचे समाप्त होती है। कई लोगों के हाथ में भाग्य रेखा बहुत मजबूत होती है और अंगूठी उंगली के ऊपर तक पहुंचती है।

यदि यह रेखा हाथ में स्पष्ट रूप से दिखाई दे तो इसे न टूटने पर भाग्य की सर्वोत्तम रेखा माना जाता है। ऐसी रेखा वाले व्यक्ति का भाग्य बहुत उज्ज्वल होता है। साथ ही स्पष्ट और गहरी भाग्य रेखा वाले लोगों को कम मेहनत में अधिक सफलता मिलती है। सांसारिक सुखों से कर्म का दुगना फल मिलता है।

हस्तरेखा के अनुसार यदि भाग्य रेखा तर्जनी की ओर मुड़ जाए तो ऐसा व्यक्ति उच्च पद और प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है। नौकरी में सफलता का भी समाज में सम्मान होता है। ऐसी भाग्य रेखा वाले व्यक्ति पूजा और अध्यात्म में रुचि रखते हैं।

यदि हाथ की हथेली में भाग्य रेखा मस्तिष्क रेखा से शनि पर्वत पर पहुंच जाए तो ऐसा व्यक्ति परिश्रम और क्षमता के बल पर आगे बढ़ता है। यदि हाथ की हथेली में भाग्य रेखा स्पष्ट हो और शनि पर्वत के ऊपर हो और जीवन रेखा भी वक्र हो तो ऐसे व्यक्ति को कभी भी धन की कमी नहीं होती है। ऐसी रेखाओं वाला व्यक्ति प्रसिद्धि से भरा जीवन जीता है।