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बिहार : गंगा में शव बहाने को लाए परिजन, डोम 1 लाख पर अड़ा तो घर ले गए परिजन

पटना. बिहार में भागलपुर के श्मशान घाट पर एक बार फिर मानवता शर्मशार हुई है। यहां के बरारी घाट पर एक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। मजबूरी में परिजनों को शव वापस घर ले जाना पड़ा। दरअसल, यहां के बरारी घाट पर मृतक के परिजन लाश को गंगा नदी में बहाना चाहते थे। लेकिन, इसके लिए वहां पर मौजूद डोम राजा ने एक लाख रुपए की मांग की। मृतकों के परिजनों ने काफी देर तक डोम के सामने मिन्नतें की तो 11 हजार पर वो अड़ गया। मृतक के परिजनों के पास इतनी रकम नहीं थी। इस वजह से मजबूरी में उन्हें लाश को लेकर लौटना पड़ा।

हालांकि, शव को नदी में बहाना कानूनी तौर पर भी गलत है। अंतिम संस्कार के नाम पर शव को नदी में नहीं बहाया जा सकता है। लेकिन, मृतक के परिजन अंधविश्वास के चक्कर में मृतक के शव को गंगा में बहाना चाह रहे थे। दरअसल, सांप काटने से मिथिलेश कुमार की मौत हो गई थी। परिजनों का मानना है कि सर्पदंश के बाद लाश को पानी में बहाने की प्रथा रही है। वे पानी में बहाकर ही लाश का अंतिम संस्कार करते हैं। लेकिन, शव को नदी में बहाने पर केस भी हो सकता है। इसके बावजूद डोम राजा यह करने को तैयार हो गया है। लेकिन, उसकी कीमत 1 लाख रख दी।

परिजनों के साथ बदसलूकी भी

बांका जिला के नवादा बाजार निवासी डोमी पासवान के 24 वर्षीय बेटे मिथिलेश कुमार को सांप काट लिया था | इलाज के लिए उसे पहले बांका के अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भागलपुर रेफर कर दिया | भागलपुर में इलाज के दौरान मिथिलेश की मौत हो गयी थी। श्मशान घाट से लौटने के दौरान मृतक के परिजनों ने बताया कि लाश को बहाने के लिए डोम राजाओं ने एक लाख रूपये मांगे। बरारी घाट पर मौजूद डोम राजा के लोगों ने परिजनों के साथ बदसलूकी भी की। मजबूरी में उन्हें लाश को लेकर वापस कहलगांव लौटना पड़ा।

घाट पर नियुक्त दंडाधिकारी कागज पर कर रहे ड्यूटी

कोरोना काल में डोम राजाओं की मनमानी को लेकर भागलपुर के लोगों ने मोर्चा खोला था और जिलापदाधिकारी से लोगों ने इसकी शिकायत की थी | शिकायत मिलने पर जिला पदाधिकारी ने वहां दंडाधिकारी नियुक्त कर दिए। लेकिन दंडाधिकारी वहां कभी नजर नहीं आते हैं। सिर्फ कागज़ पर ड्यूटी कर रहे हैं | हालांकि श्मशान घाट के कुछ लोगों का यह कहना है कि 1 जून से उनकी सेवा यहाँ से हटा ली गयी हैं |

क्या कहते हैं नगर आयुक्त

इस मामले पर पूछे जाने पर नगर आयुक्त प्रफ्फुलचंद यादव ने कहा कि पानी में लाश बहाया जाना निषेध है | लोगों को पानी में लाश नही बहाना चाहिए क्योंकि पर्यावरण के लिए यह गलत है | अंतिम संस्कार के लिए बरारी घाट पर विद्युत् शवदाह गृह हैं, जिससे लोगों को वहां अंतिम संस्कार करना चाहिए| डोम राजाओं के अत्याचार के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी मनमानी तो है ही लेकिन उसे कौन समझाए | दंडाधिकारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश पर दंडाधिकारी नियुक्त किये गये थे। कौन हैं पता नही |

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