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आगरा के अस्पताल में 22 मौतें: मृतक महिला की चैट दिखाए पति, 10 दिन से चल रही थी मॉक ड्रिल

आगरा में ऑक्सीजन की मॉक ड्रिल कर 22 मौतों के जिम्मेदार पारस अस्पताल को बचाने के लिए प्रशासन हर कोशिश कर रहा है। प्रशासन ने मॉक ड्रिल वाले दिन महज तीन मौतों को स्वीकारा था, लेकिन अब तक 10 परिवारों के 11 मृतकों की जानकारी सामने आ चुकी है।

अब न्यू राजा मंडी के रहने वाले सौरभ अग्रवाल ने पारस अस्पताल के मालिक डॉ. अरिंजय जैन पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने थाना न्यू आगरा में तहरीर दी है। लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है। सौरभ का आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की मॉक ड्रिल कई दिनों से चल रही थी। 27 अप्रैल को डॉक्टर ने मेरी पत्नी की हत्या कर दी।

पति-पत्नी अलग-अलग अस्पताल में थे भर्ती
राजा मंडी निवासी सौरभ अग्रवाल ने बताया कि वे और उनकी पत्नी राधिका अग्रवाल (36 साल) कोरोना संक्रमित थीं। 13 अप्रैल को सौरभ को सर्वोदय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जबकि सर्वोदय अस्पताल में बेड न मिलने के कारण पत्नी राधिका को परिवार ने पारस अस्पताल में भर्ती करवाया। पत्नी के इलाज पर करीब 3 लाख रुपए खर्च हुए। लेकिन इलाज में घोर लापरवाही की गई।

सौरभ का कहना है कि मॉक ड्रिल के नाम पर 26 अप्रैल को ऑक्सीजन बंद कर उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि मौत के बाद भी उनसे और परिवार से अस्पताल वालों ने जानकारी छिपाई। अगली सुबह 6 बजे मौत की जानकारी दी गई। आरोप है कि जब इसकी शिकायत डॉ. अरिंजय से की गई तो उन्होंने धमकी देकर शांत कर दिया। उनके पास सबूत नहीं था, इसलिए वे चुप हो गए।

कई दिनों से अस्पताल में चल रही थी मॉक ड्रिल
सौरभ का कहना है कि डॉक्टर ने दो बच्चों से उनकी मां को छीन लिया। सौरभ ने कहा, चूंकि वे खुद संक्रमित थे और कमजोरी होने के कारण पत्नी से बात नहीं कर पाते थे। इसलिए उन्हें पूरी सच्चाई भी पता नहीं चली। इस बीच पत्नी अपनी बहन मनीषा से सोशल मीडिया पर चैट करती थीं। जो अब सामने आई है।

जिसमें राधिका 16 अप्रैल को ही अपनी बहन से बार-बार ऑक्सीजन बंद किए जाने की बात कह रही है और सभी मरीजों के साथ यही हाल करने की बात कह रही है। इसके बाद 26 अप्रैल को रातभर ऑक्सीजन के लिए टार्चर कर जान निकालने की बात राधिका की बहन से चैट में लिखी गई है।

तीन तहरीर, पर नहीं दर्ज हुआ मुकदमा
पारस अस्पताल के खिलाफ अब तक अशोक चावला, सौरभ अग्रवाल और इटावा निवासी राजू ने थाना न्यू आगरा में तहरीर दी है। मगर पुलिस ने कहा, शिकायत एडीएम सिटी कार्यालय पर की जाए। चिकित्सक के खिलाफ बिना जांच के मुकदमा नहीं लिखा जा सकता है।

एडीएम सिटी को नहीं मिली कोई शिकायत
एडीएम सिटी और सीएमओ ऑफिस के दो डॉक्टरों की टीम इस प्रकरण की जांच कर रही है। पर अभी तक उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। आज शिकायत करने का आखिरी दिन है। सभी पीड़ित तीमारदार आज एडीएम सिटी को शिकायत दे सकते हैं। समाजसेवी नरेश पारस सभी सामने आए पीड़ितों को फोन कर शिकायत करने की अपील कर रहे हैं। आज शाम तक जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जानी है।

वीडियो बनाने और वायरल करने वाले की जांच होगी
प्रशासन की जांच में वीडियो बनाने वाले और वायरल करने वाले पर फोकस किया जा रहा है। वीडियो बनने के इतने दिन बाद क्यों वायरल हुआ? यह भी प्रशासन की जांच का विषय है। वहीं सूत्रों की मानें तो वीडियो बनाने वाला गायब है और उसके परिजन एक राज्यमंत्री की शरण में भी पहुंचे हैं।

मौतों के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का अंदेशा
प्रशासन अभी तक पारस अस्पताल में 26 व 27 अप्रैल को भर्ती 96 मरीजों के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अस्पताल इनमें छेड़छाड़ न कर पाए, इसलिए सारे रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए हैं।

स्टाफ पर दर्ज हुए हैं तीन मुकदमे, अस्पताल पर महज महामारी एक्ट लगा
बीते बुधवार देर रात एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद द्वारा अस्पताल स्टाफ द्वारा मारपीट के मामले में संज्ञान लिया गया और उनके निर्देश पर आगरा पुलिस ने अपनी तरफ से बलवे की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और दो अन्य लोगों की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि अस्पताल के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जबकि डॉक्टर अभी प्रशासन की नजर में दोषमुक्त है।

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