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BJP विधायक ने CM को लिखा पत्र, कहा- झोलाछाप डॉक्टरों को मिले ‘देवदूत’ का दर्जा!

सतना. भाजपा के मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने ​सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर झोलाछाप डॉक्टरों को ‘कोरोना वॉरियर्स’ का दर्जा देने की मांग की है। झोलाछाप डॉक्टरों की वकालत करते हुए त्रिपाठी ने उन्हें देवदूत बताया है।साथ ही कहा, ‘इन देवदूतों को ‘स्वास्थ्य रक्षक’ और ‘स्वास्थ्य सेवक’ बनाकर कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाए। आपदा के दौर में इन्होंने गांव-गांव आम लोगों का इलाज कर कोरोना को काबू करने में सहयोग किया है।’

विधायक के मुताबिक गरीब वर्ग ने पैसे के आभाव में गांव में ही छोटी-मोटी खांसी-बुखार को इनकी दवा से ही कंट्रोल कर लिया था। ऐसे में इनको समुचित प्रशिक्षण देकर स्वास्थ्य विहीन क्षेत्रों में उपचार के लिए तैनात करना चाहिए। जो लोग इनको झोलाछाप संबोधित करते है, उनको अब कोरोना महामारी के बाद से देवदूत बोलना चाहिए।

सीएम को पत्र में यह लिखा
31 मई के अपने पत्र में त्रिपाठी ने कहा, ‘हम आप सभी ग्रामीण परिवेश से हैं। साथ ही यहां कि वास्तविक परिस्थितियों को बेहतर तरीके से जानते हैं। हमने महामारी के दौरान गांव-गांव जाकर करीब से देखा है कि झोलाछाप डाॅक्टरों ने सर्दी, खांसी, बुखार जैसी छोटी मोटी बीमारियों पर अंकुश लगाने का काम किया है। ऐसे ग्रामीण मरीज जिनके पास शहर के अस्पताल जाने और इलाज कराने के पैसे नहीं होते, उनका सहारा यही झोलाछाप डाॅक्टर बने। इनको इंजेक्शन लगाने, डिप लगाने और सामान्य दवाइयों को देने का अनुभव होता है। कई के पास छोटी-मोटी डिग्री-डिप्लोमा होता है। इनका उपयोग प्राथमिक उपचार व जागरूकता के लिए किया जाना उचित होगा।’

बाई ओर के पत्र में झोलाछाप डॉक्टरों को देवदूत बताया, दूसरा पत्र बसों के टैक्स माफी के लिए।

प्रशिक्षण देकर लिया जा सकता है सही काम
मैहर विधायक ने आगे कहा कि सभी झोलाछाप डॉक्टरों का सर्वे कराया जाए, उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए। फिर इनको स्वास्थ्य विभाग के तंत्र से जोड़ा जाए। इसके बाद सही दिशा में काम लिया जाए। डिग्रीधारी शासकीय/अशासकीय चिकित्सकों ने कोरोना महामारी में जब महत्वपूर्ण निभाई तो शासन, समाज ने उनका सम्मान किया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना महामारी के दौरान सराहनीय काम करने वाले चिकित्सक सिर्फ झोलाछाप ही बने हुए है। ऐसे में मेरा अनुरोध है कि ‘स्वास्थ्य रक्षक’ या ‘स्वास्थ्य सेवक’ मानकर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में उपयोग कर कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाए।

दूसरा पत्र भी लिखा- बसों का टैक्स माफ करने की गुजारिश
1 जून के दूसरे पत्र में मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने लॉकडाउन के दौरान बंद यात्री बसों के टैक्स माफ कराने के लिए सीएम को दूसरा पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि कोरोना कर्फ्यू व जनता कर्फ्यू के कारण कई संचालकों ने यात्री बसें नहीं चलाई है। जबकि परिवहन आयुक्त के निर्देशों के परिपालन में ट्रांसपोर्टर यात्री बसों का संचालन नहीं कर सके। ऐसे में इस अवधि पर लगने वाले टैक्स को माफ किया जाए।

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