https://www.googletagmanager.com/gtag/js?id=UA-91096054-1">
Tuesday , June 22 2021
Breaking News
Home / खबर / बिहार में बमचिक: नीतीश कुमार का ‘तोता’ कौन? जानिए

बिहार में बमचिक: नीतीश कुमार का ‘तोता’ कौन? जानिए

पटना।
कहते हैं बिहार में सियासत के खेल का रुख जिस ओर होता है देश की राजनीति उसी दिशा की ओर बढ़ती है। वर्षों से देश की राजनीति में बिहार के नेताओं का बड़ा योगदान रहा है। बिहार की मिट्टी में जन्मे व्यक्ति राष्ट्रपति पद से लेकर देश के बड़े-बड़े मंत्रालय में अपना योगदान दे चुके हैं। बिहार में सत्ता पक्ष हो या विपक्ष ‘ वक्त आपदा का हो या जश्न का ‘ राजनीति भरपूर होती है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से धीरे-धीरे बाहर निकल रहे बिहार में एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच शह मात का खेल शुरू हो चुका है।

लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल की ओर से एक बार फिर यह दावा किया जा रहा है कि एनडीए में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। आरजेडी नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी एनडीए में असहज महसूस कर रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए उपेंद्र कुशवाहा से बीजेपी के ही नेताओं के खिलाफ बयान दिलवा रहे हैं।

In RLSP merger, a Nitish message to BJP as he rebuilds 'Luv-Kush' alliance  with Kushwaha

मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि महागठबंधन छोड़ अपनी पार्टी का विलय जेडीयू में करने वाले उपेंद्र कुशवाहा अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ‘ तोता ‘ बन चुके हैं। इसलिए उपेंद्र कुशवाहा इशारा मिलते ही तोते की तरह बीजेपी नेताओं पर तरह तरह से कटाक्ष करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ताजा उदाहरण बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जयसवाल का है। आरजेडी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जीतन राम मांझी एनडीए में शामिल तो हो गए लेकिन उन्हें मान सम्मान नहीं दिया जा रहा है। लिहाजा मांझी जी का मन डोल रहा है और वह अपनी ‘ नैया ‘ को एनडीए के ‘ भंवर ‘ से निकालना चाहते हैं।

आरजेडी के इस बयान के बाद जेडीयू ने पलटवार करते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में आरजेडी के अंदर ही बड़ा बिखराव होने वाला है। जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि आरजेडी के नेताओं को चाहिए कि उनके यहां जो मुन्ना यानी तेजस्वी यादव है और जो सिवान के टुन्ना के दम पर झुनझुना बजा रहे थे। वह अपने विधायकों को बचाने की कोशिश करें। जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि आरजेडी शुरू से ही अपने नेताओं को और अपने सहयोगियों का तिरस्कार करती रही है।

इसी तिरस्कार के वजह से जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा ने महागठबंधन से खुद को अलग कर लिया था। जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि अब उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी एनडीए में सकारात्मक कार्य कर रहे हैं तो आरजेडी के नेताओं के पेट में दर्द हो रहा है। जेडीयू प्रवक्ता का कहना है कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल कितना भी जोर लगा ले वह अब सत्ता में नहीं लौटने वाली और ना ही जीतन राम मांझी जैसे वरिष्ठ नेता अब अपमानित होने के लिए महागठबंधन का रुख करेंगे।

उपेंद्र कुशवाहा को तोता कहने और जीतन राम मांझी के पाला बदलने की बात कर बीजेपी ने भी आरजेडी पर पलटवार किया है। बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि बिहार की राजनीति में अब लालू परिवार विफल हो चुका है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव भ्रष्टाचार के आरोप में जेल चले गए। इसके बाद उनकी पत्नी राबड़ी देवी चुनाव हार गई। उनकी बेटी मीसा भारती चुनाव हारी, बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को विधानसभा में हार के भय से सीट बदलना पड़ा। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 2019 के लोकसभा चुनाव और 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी को हार का मुंह देखना पड़ा।

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने यह भी कहा कि 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में जीतन राम मांझी मुकेश सहनी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने चुनाव के ठीक पहले महागठबंधन से खुद को अलग कर लिया था। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि इन सम्मानित नेताओं को आरजेडी में कभी सम्मान नहीं दिया गया। यहां तक कि तेजस्वी यादव तो जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से सीधी बात तक नहीं करते थे। मुकेश साहनी ने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही महागठबंधन छोड़ने का ऐलान करते हुए तेजस्वी यादव पर धोखा देने का आरोप भी लगाया था।

loading...
loading...

Check Also

UP हुआ शर्मसार : 2 साल की बच्ची से रेप, मासूम को तड़पता छोड़ भाग खड़ा हुआ दरिंदा, मौत 

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई ...