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Boycott China पर ऐसा उतारू हुआ ये शहर, चाइनीज खाने पर भी लगा दिया बैन

मथुरा
गलवान घाटी में चीन की कायराना हरकत के बाद देशभर में उबाल है औेर लोग चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर विरोध जता रहे हैं। इस बीच तीर्थनगरी मथुरा-वृंदावन के होटल संचालकों ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके मुताबिक अब वे चीनी नागरिकों को अपने होटलों में नहीं ठहराएंगे और न ही किसी ग्राहक को चाइनीज फूड परोसेंगे। होटल मालिक संघ ने अखिल भारतीय व्यापारी संघ (सीएआईटी) के अभियान का समर्थन करते हुए चीनी उत्पादों का बहिष्कार किया है। साथ ही होटलों में चीनी नागरिकों को नहीं ठहराने और मेन्यू कार्ड से चाइनीज फूड हटाने का फैसला लिया है।

गुरुवार को होटल मालिक संघ की बैठक में वर्तमान परिस्थिति पर चर्चा हुई। संगठन के महामंत्री अमित जैन ने बताया कि मथुरा-वृन्दावन होटल ओनर्स असोसिएशन सीएआईटी के उस अभियान के साथ है, जिसमें चीनी वस्तुओं का बहिष्कार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘आत्मनिर्भर भारत’ व ‘लोकल से वोकल’ और कैट के ‘भारतीय सामान-हमारा अभिमान’ को पूरे ब्रज क्षेत्र में जनमानस तक लेकर जाएंगे।

मेन्यू से हटेगा चाइनीज फूड
इसी के तहत मथुरा-वृन्दावन के होटल संचालकों ने चीनी नागरिकों को अपने यहां कमरा न देने और चाइनीज फूड पर प्रतिबंध लगाने के लिए मेन्यू कार्ड से ही ‘चाइनीज फूड’ आइटम को हटाने का फैसला लिया है। असोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णदयाल अग्रवाल ने कहा, ‘चीनी सैनिकों ने कायरों के समान धोखे से भारतीय सैनिकों पर हमला किया है। यह हमारा, हमारी सेना का और हमारे सैनिकों का अपमान है। इसलिए मथुरा-वृन्दावन के होटल व्यवसायियों ने यह फैसला किया है कि अब चीनी नागरिकों को होटलों के कमरे उपलब्ध नहीं कराएंगे और न ही चाइनीज फूड बनाए जाएंगे।’

दूसरी तरफ दिल्ली होटल्स ऐंड रेस्टोरेंट्स ओनर्स असोसएिशन के महासचिव महेन्द्र गुप्ता ने कहा कि वे चीन के नागरिकों से कोई ‘बुकिंग’ नहीं लेंगे और न ही उन्हें कोई सेवा देंगे। साथ ही उन्होंने अपने-अपने होटल और रेस्तरां में चीन में बनी वस्तुओं के बहिष्कार का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि असोसएिशन से करीब 3,000 होटल और रेस्त्रां जुड़े हैं। इन होटलों में 5 से 6 प्रतिशत ‘बुकिंग’ चीनी नागरिकों की होती है।

होटल के संगठन भी कर रहे कैट का समर्थन

असोसएिशन ने कैट को लिखे पत्र में कहा है, ‘हमने कैट के अभियान को समर्थन देने का निर्णय किया है। इसके तहत हमने अपने होटलों और रेस्त्रों में चीनी सामान के बहिष्कार का फैसला किया है। यानी हम कोई भी चीनी सामान का उपयोग नहीं करेंगे।’ इसके अलावा असोसएिशन अन्य राज्यों में भी होटल संगठनों से संपर्क कर इस प्रकार का निर्णय लेने की अपील करेगा।इस बीच कैट ने कहा कि अपने अभियान में किसानों, परिवहन कंपनियों, छोटे उद्योगों, ग्राहकों, उद्यमियों आदि को जोड़ने की कोशिश करेगा और उनसे चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील करेगा।

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