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Breaking : कोरोना संकट के बीच देश को बड़ा झटका देंगे पीएम मोदी, लेकिन ये उनकी है मजबूरी

पूरा देश कोरोना की वजह से कराह रहा है. हर कोई अपने घरों में कैद है. सबके कारोबार बंद हैं, इनकम खत्म और अब खबर है कि मोदी सरकार इस बुरे दौर में भी देशवासियों को एक बड़ा झटका देने की तैयारी में है. मामला ऐसा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम में रिकॉर्ड गिरावट के बाद अब ब्रेंट क्रूड के दाम में भी तेज गिरावट हो रही है. ब्रेंट क्रूड का दाम 11.61 फीसदी घटकर 22.55 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ गया था. इस मौके को देखते हुए भारत सरकार ने ऑइल रणनीति पर आगे बढ़ना शुरू दिया. माना जा रहा है कि एक तरफ जहां भारत अपना क्रूड का रिजर्व बढ़ाएगा, वहीं पेट्रोल-डीजल पर एक बार फिर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की जा सकती है. यह बढ़ोतरी 2 रुपए प्रति लीटर की हो सकती है.

सरकार ने पिछली बार 14 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. इससे सरकारी खजाने में करीब 39,000 करोड़ रुपये का इजाफा होने का अनुमान लगाया गया था. सरकारी सूत्रों की माने तो इस बारे में बैठकों का दौर शुरू हो गया है. इस वक्त सरकार को पैसे की जरूरत है. ऐसे में इसकी जल्द ही घोषणा की जाएगी.

पहले भी पेट्रोल और डीजल के दामों में जो कटौती की गई थी, वो क्रूड के गिरते दाम के अनुपात में काफी कम थी. यह तेल को लेकर को सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है. एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़े, क्योंकि तेल कंपनियों को इसकी जरूरत नहीं पड़ी. गिरते कच्चे तेल के दाम से इसका आयात सस्ता हो गया है.

अब जल्द ही एक्साइज ड्यूटी में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम नहीं बढ़ेंगे. तेल कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिस हिसाब के क्रूड के दाम गिरे हैं और गिर रहे हैं, उस हिसाब से पेट्रोल और डीजल के दामों में 4 से 5 रुपये की कटौती की गुंजाइश बनती है. अगर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी तो इससे तेल कंपनियों पर कोई असर नहीं होगा.

सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार अब स्ट्रेटिजिक ऑइल रिजर्व भंडार की क्षमता बढ़ाएगी. कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूर दे दी है. सरकार का ऑइल रिजर्व 5.03 से 11.5 मिलियन टन करने का लक्ष्य है. फिलहाल भारत के पास 9 दिन का रिजर्व है. सरकार रिजर्व बढ़ाकर 15-20 दिन कर सकती है. अभी भारत के पास 5.03 मिलियन टन रिजर्व है जो 9.5 दिन के बराबर का रिजर्व है. रिजर्व क्षमता को बढ़ाकर कुल 11.5 मिलियन टन करने से यह 23 दिनों के लिए पर्याप्त होगा. इसकी तैयारी की जा रही है.

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