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देश की सबसे सस्ती कोरोना वैक्सीन हो सकती है Corbevax, जानें डिटेल्स

नई दिल्ली : देश में जल्द ही सबसे सस्ती कोरोना वैक्सीन आ सकती है। हैदराबाद की कंपनी बायोलॉजिकल-ई की एंटी कोरोना वायरस वैक्‍सीन Corbevax के कम कीमत पर बाजार में आने की उम्मीद है। अभी इस वैक्सीन के इमरजेंसी यूज को मंजूरी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन के दो डोज की कीमत 500 रुपये हो सकती है। उम्मीद है आगे चलकर इसकी कीमत और कम भी हो सकती है। केंद्र सरकार की तरफ से पहले ही 1500 करोड़ रुपये एडवांस देकर 30 करोड़ डोज का ऑर्डर दे चुकी है।

28 दिन बाद लगवानी होगी दूसरी डोज
हेल्‍थ मिनिस्‍ट्री के अनुसार, जो वैक्‍सीन बायोलॉजिकल-ई बना रही है वह RBD प्रोटीन सब-यूनिट वैक्‍सीन है। इसमें SARS-CoV-2 के रिसेप्‍टर-बाइंडिंग डोमेन (RBD) के डिमेरिक फॉर्म का ऐंटीजेन की तरह इस्‍तेमाल होता है। वैक्‍सीन की क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें एक एडजुवेंट CpG 1018 भी मिलाया गया है। यह वैक्‍सीन दो डोज में उपलब्‍ध होगी। पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज लगेगी।

रूसी वैक्सीन की कीमत है सबसे अधिक
बायोलॉजिकल-ई की एमडी महिमा डाटला ने एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में पहले ही संकेत दिया था कि वैक्सीन की कीमत को भले ही फाइनल नहीं किया गया है लेकिन यह देश की सबसे सस्ती वैक्सीन हो सकती है। देश में अभी सीरम इंस्टीट्यूट की तरफ बनाई जा रही कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत राज्य सरकारों के लिए 300 रुपये प्रति डोज और प्राइवेट अस्पतालों के लिए 600 रुपये प्रति डोज है। जबकि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन राज्य सरकार को 400 रुपये प्रति डोज और प्राइवेट अस्पतालों को 1200 रुपये प्रति डोज में उपलब्ध कराई जा रही है। रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी की 995 रुपये प्रति डोज रखी गई है।

अगस्त से शुरू होगा पूरा प्रोडक्शन
हालांकि, बायोलॉजिकल ई ने पिछले कुछ महीने में टीके का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी की एमडी महिमा ने विश्वास जताया कि कंपनी अगस्त से हर महीने 7.5-8 करोड़ डोज का प्रोडक्शन करने लगेगी। यदि वैक्सीन को जुलाई-अगस्त तक इमरजेंसी यूज की मंजूरी प्राप्त हो जाती है तो यह देश में वैक्सीन की कमी को काफी हद तक कम कर सकती है। वैक्सीन की कमी की वजह देश के टीकाकरण अभियान प्रभावित हुआ है।

सीरम को स्पूतनिक बनाने की मंजूरी
भारत के ड्रग रेग्युलेटर (डीसीजीआई) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) को भारत में तय शर्तों के साथ अध्ययन, परीक्षण और विश्लेषण के लिए कोविड के टीके स्पूतनिक वी के उत्पादन की मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने स्पूतनिक वी के उत्पादन के लिए रूस के गेमालिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायलॉजी के साथ साझेदारी की है। पुणे स्थित कंपनी अपने लाइसेंस प्राप्त हडपसर केंद्र में इसका उत्पादन करेगी।

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