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क्रिकेटर कुलदीप यादव को गेस्ट हाउस में लगा टीका, विवाद बढ़ा तो कानपुर प्रशासन ने लगा दी झूठी रिपोर्ट

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसी बड़ी हस्तियों ने अस्पताल में जाकर प्रोटोकॉल के तहत कोरोना वैक्सीन लगवाई। दूसरी तरफ इंटरनेशनल क्रिकेटर कुलदीप यादव के लिए कानपुर के जिला प्रशासन और नगर निगम ने VVIP व्यवस्था की। कुलदीप को नगर निगम के गेस्ट हाउस में वैक्सीन लगाई गई। इसके बाद मेयर प्रमिला पांडेय और उनके परिवार संग कुलदीप ने फोटो भी खिंचवाई। इसकी तस्वीरें कुलदीप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर की तो विवाद शुरू हो गया। खुद के बचाव के लिए डीएम ने जांच करवाई और झूठी रिपोर्ट लगवा दी।

प्रशासन ने कहा- अस्पताल में ही हुआ वैक्सीनेशन
वैक्सीनेशन की जो फोटो क्रिकेटर कुलदीप यादव ने शेयर की उसमें साफ दिख रहा है कि वह नगर निगम के गेस्ट हाउस में वैक्सीन लगवा रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में कुछ और ही दर्ज कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता ने जांच के नाम पर एक झूठी रिपोर्ट तैयार की। इसमें दावा किया कि कुलदीप ने जो फोटो शेयर की है वो झूठी है। उनका वैक्सीनेशन जागेश्वर हॉस्पिटल में हुआ। ये भी लिखा कि उन्हें नर्स ने वैक्सीन लगवाई है, जबकि फोटो में कोई लड़का वैक्सीन इंजेक्ट करते हुए दिख रहा है।

डीएम-कमिश्ननर तो केवल गरीबों पर कार्रवाई करवाते हैं
ये पहली बार नहीं है जब कानपुर जिला प्रशासन झूठी रिपोर्ट दे रहा है। पहले भी इनके अफसर झूठ बोलते रहे हैं। कुलदीप को वैक्सीनेशन में VVIP ट्रीटमेंट दिया गया और जांच के नाम पर झूठी रिपोर्ट लगा दी। इसके पहले लगातार दो बार कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के बाद भी औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना पर कोई नहीं कार्रवाई की। सतीश महाना 25 मई को बगैर मास्क पहने पुलिस कमिश्नर और बाकी अफसरों के साथ मीटिंग करने बैठे थे। सवाल खड़ा हुआ तो कमिश्नर खुद मंत्री के बचाव में उतर आए। दूसरी बार मंत्री सोशल डिस्टेंसिंग का माखौल उड़ाते दिखे। इस पर भी जब विवाद शुरू हुआ तो कमिश्नर ने मौन धारण कर लिया। अब सवाल ये उठता है कि क्या ये प्रशासन और सिस्टम केवल गरीबों और आम जनता को परेशान करने के लिए बना है?

अपनी जांच रिपोर्ट से ही फंस गया प्रशासन
क्रिकेटर कुलदीप यादव ने 15 मई को वैक्सीनेशन के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वैक्सीनेशन के दौरान ली गई तस्वीर शेयर की। लिखा है कि “जब भी मौका मिले तुरंत टीका लगवाएं। सुरक्षित रहें क्योंकि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने की आवश्यकता है।”

इस तस्वीर में साफ दिख रहा है कि यह नगर निगम के गेस्ट हाउस में वैक्सीनेशन के दौरान क्लिक की गई है। जबकि जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट इस तस्वीर को झूठी बता रही है। रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि कुलदीप के वैक्सीनेशन गोविंद नगर के जागेश्वर अस्पताल में हुआ है जबकि जागेश्वर अस्पताल में इतना अच्छा गार्डन ही नहीं बना है। इस अस्पताल की इमारत काफी पुरानी है। खंडहर में तब्दील हो चुका है।

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