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गोवा पहले नहीं था आज जितना हसीन, इसका इतिहास है बेहद रक्तरंजित

दोस्तों दिसम्बर और जनवरी के महीनों में लोग घूमने के लिए गोवा की और रुख करते हैं। गोवा के समुन्द्र तट सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं. क्या ऐसा पहले से होता था ? क्या गोवा के तट उसकी आजादी से पहले भी इतने सुन्दर थे ? जी नहीं, अपनी आज़ादी से पहले गोवा दुनिया के नक्शे पर केवल एक द्वीप भर की हैसियत रखता था।

ऐसा क्यों था ?

लगभग १६ वीं शताब्दी में कुछ खोजी किस्म के पुर्तगाली लोग घूमते-घामते गोवा पहुंचे। एक स्वतंत्र द्वीप में रहते हुए उन्होंने अपने बुद्धि कौशल और चातुर्य से गोवा पर अधिकार जमाना शुरू कर दिया और इस तरह गोवा पुर्तगालियों का शासन के शासन में आ गया। अब अधीनस्थ गोवा की तरक्की रुक गई।

गोवा की सुंदरता का कारण

भारत की आजादी के बाद से ही सरदार पटेल गोवा को आज़ाद करके भारत में मिलाना चाहते थे। आखिरकार १६ दिसम्बर १९६१ के दिन भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय से गोवा पर विजय प्राप्त कर ली। ऑपरेशन विजय से भारत ने गोवा-दमन-द्वीप को अपने अधिकार में कर लिया।

भारत सरकार के अधीन आते ही गोवा की तकदीर बदल गई। आज की तारीख में गोवा दुनिया के नक़्शे पर एक बेहतरीन पर्यटक के रूप में स्थापित हो चूका हे। गोवा का राजस्व उसके पर्यटक स्थल होने के कारण ही बढ़ा है।

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