Thursday , December 2 2021
Home / ऑफबीट / कोरोना से दुनिया को बचाएगा इंडिया, CSIR ने ढूंढ ली महामारी की जैविक दवा

कोरोना से दुनिया को बचाएगा इंडिया, CSIR ने ढूंढ ली महामारी की जैविक दवा

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच एक अच्छी खबर आ रही है। CSIR कोरोना की वैक्सीन देने के बेहद करीब दिख रहा है। क्लिनिकल ट्रायल के बाद अब CSIR ने इंसानों पर अपने बनाये वैक्सीन के ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) से इजाजत मांगी है। CSIR का दावा है कि Cocculus Hirsutus नाम की बूटी कोरोना से निपटने के लिए एक जैविक दवा (Botanical medicine) की तरह काम आ सकती है। आपको बता दें कि इस बूटी में पहले से ही एन्टी-डेंगू तत्व होने का शोध जारी है।

CSIR ने DGCI से 50 मरीजों पर इस जैविक दवा का ट्रायल करने की इजाजत मांगी है। CSIR वैज्ञानिकों का दावा है कि, इस दवा के मलेरिया-रोधी गुण ने इसे मच्छरों से फैलने वाले डेंगू को खत्म करने में कारगार साबित किया है। इंसानों पर हुए ट्रायल के शुरुआती नतीजों में यह साबित हुआ है।’

CSIR डायरेक्टर जनरल डॉ शेखर मांडे ने बताया, ‘इस बूटी का इस्तेमाल हमारे देश के आदिवासी समुदाय अभी भी करते हैं। इसकी डेंगू से लड़ने की क्षमता पहले ही साबित हो चुकी है। अब इंसानों पर दूसरे फेज के ट्रायल के लिए मंजूरी मांगी गई है।’

वहीं, जम्मू के डॉ राम विश्वकर्मा ने कहा कि डेंगू के बाद अब इस दवा की जांच RNA वायरस के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया, ‘डेंगू और कोरोना के वायरस अलग-अलग तरह से मानव शरीर में प्रवेश करते हैं। लेकिन, एक बार ये इंसानों में घुस जाता हैं तो दोनों का संक्रमण फैलाने का तरीका एक जैसा ही होता है। ये दवा डेंगू, चिकनगुनिया और एन्सेफलाइटिस के लिए कारगर साबित हो चुकी है। अब इसका कोरोना वायरस के लिए टेस्ट किया जाना है।’

loading...

Check Also

रहस्य : हिमाचल में 550 साल पुरानी ममी, आज भी बढ़ रहे है इनके नाखून और बाल

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के गियू गांव में 550 साल से ज्यादा पुरानी ...