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लॉकडाउन न होता तो भारत में मच जाता कोहराम, कोरोना संक्रमित होते 8 लाख के पार !

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू किए गए 21 दिनों के लॉकडाउन को लेकर विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर हैं। एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जहां सरकार के फैसले को बिना सोचे-समझे उठाया गया कदम करार दिया है वहीं हाल में ही आई इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) की रिपोर्ट ने देश में लॉकडाउन को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

आईसीएमआर ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया है कि अगर देश में लॉकडाउन नहीं किया गया होता हो यहां इटली से भी बुरे हालात होते। इस रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी स्थिति में देश में 15 अप्रैल तक 8 लाख 20 हजार लोग संक्रमित होते। वहीं देश में संक्रमण के कारण मृतकों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिलता।

आईसीएमआर का यह अनुमान R0-2.5 () के सिद्धांत पर आधारित है। जिसके आधार पर कहा गया है कि भारत में हर संक्रमित व्यक्ति एक महीने में 406 लोगों में यह वायरस पहुंचा देता। वहीं, लॉकडाउन के बाद से एक संक्रमित व्यक्ति केवल 2.5 लोगों को ही संक्रमित कर पा रहा है।

इस रिपोर्ट के आंकड़ों को विदेश मंत्रालय में सचिव ( पश्चिम ) विकास स्वरूप ने विदेशी पत्रकारों के साथ शेयर किेया है। जिसके अनुसार, भारत में लॉकडाउन के बाद से संक्रमण की रफ्तार बहुत कम हुई है।

कितने दिनों में कितने मामले

मरीज भारत चीन अमेरिका स्पेन इटली
100 42 1 44 43 25
1000 58 5 53 50 31
2000 63 6 56 52 33
4000 66 8 60 54 37
6000 72 9 61 55 38

भारत ने कोरोना के खिलाफ सबसे कड़े कदम उठाए: ऑक्सफोर्ड
लंदन की ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के स्ट्रिंजेंसी इंडेक्स के तहत भारत ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सबसे कड़े कदम उठाए हैं। जबकि, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में अभी तक इसे लेकर सख्ती देखने को नहीं मिली है। भारत का स्ट्रिंजेंसी इंडेक्स 100 है जो कि सबसे ज्यादा है।

क्या होता है स्ट्रिंजेंसी इडेंक्स?
किसी भी समस्या से निपटने के लिए किसी सरकार ने कितने कड़े कदम उठाए हैं, इसके आधार पर स्ट्रिंजेंसी इंडेक्स निकाला जाता है। कोरोना वायरस की त्रासदी से निपटने के लिए कुछ जरूरी कदम माने गए हैं। इसके स्ट्रिजेंसी इंडेक्स के लिए 7 कदम ध्यान में रखे गए हैं- स्कूल, वर्कप्लेस, पब्लिक इवेंट्स, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, जागरूकता अभियान, घरेलू ट्रैवल और इंटरनैशनल ट्रैवल पर बंदी। जिस देश ने जितने कड़े कदम उठाए होते हैं, यह इंडेक्स उतना ज्यादा होता है।

दुनिया में हो रही है लॉकडाउन की तारीफ

भारत में 26 मार्च को 21 दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी। इसके चलते स्कूल, दफ्तर, रेस्तरां, मॉल समेत सब ऐसे संस्थान और सेवाएं बंद कर दी गई थीं जो जरूरी सेवाओं या सामान में नहीं आती थीं। यही नहीं, मामले बढ़ने के साथ ही देश के कई हिस्सों में हॉटस्पॉट्स की पहचान करके सील कर दिया गया है। भारत के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। माना जा रहा है कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश के लिए यह फैसला कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एक अहम कदम साबित हो सकता है।

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