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IPL 2021 Suspended: 100 करोड़ बचाने चला था भारतीय बोर्ड, उल्टा 3500 करोड़ गंवा बैठा

IPL 2021: इंडियन प्रीमियर लीग गवर्निंग काउंसिल (आईपीएलजीसी) और बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) ने एक आपात्कालीन बैठक में तत्काल प्रभाव से आईपीएल 2021 को स्थगित करने का फैसला किया. बीसीसीआई को खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और अन्य सदस्यों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना था. ये फैसला सभी हितधारकों की सुरक्षा, सेहत और स्वास्थ्य को ध्यान में रख कर लिया गया है.

गौरतलब है कि ये कोरोनाकाल में खेला जाने वाला दूसरा आईपीएल सीजन था. इससे पहले आईपीएल 2020 का भी आयोजन किया गया था और वो सफलतापूर्वक आयोजित हो गया था. हालांकि इसके लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीसीआई को काफी रुपये खर्च करने पड़े थे लेकिन पूरा टूर्नामेंट सुरक्षित तरीके से सफल रहा था. इसके अलावा यूएई ने विमेंस आईपीएल का भी आयोजन किया था और वो भी सफलतापूर्वक हो गया था.

आपको बता दें कि भारत में कोरोना के दूसरे वेव को ध्यान में रखते हुए आईपीएल के चेयरमैन बृजेश पटेल ने आईपीएल का 14वां सीजन शुरू होने से पहले भी बीसीसीआई के सामने प्रस्ताव रखा था कि इस बार भी आईपीएल को यूएई में करवाया जाए लेकिन बीसीसीआई ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और भारत में ही इसका आयोजन करवाने का फैसला किया. नतीजा ये निकला कि आधा सीजन गुजरते ही इसको सस्पेंड करना पड़ा.

सूत्रों ने बताया, “आईपीएलजीसी की आईपीएल 2021 का आयोजन करवाने के लिए यूएई ही पहली पसंद थी. लीग के एक हफ्ते पहले तक वे चाहते थे कि आईपीएल यूएई में हो जाए. इतना ही नहीं अमीरात क्रिकेट बोर्ड भी भी दोबारा आईपीएल का आयोजन करने के लिए पूरी तरह से तैयार था. लेकिन इस बात के लिए बीसीसीआई की ओर से किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई और बात वहीं खत्म हो गई.”

सूत्र ने आगे बताया, “यूएई में आईपीएल का आयोजन करवाना ही सही फैसला रहता. इस साल के आईपीएल में सबसे बड़ी गलती यात्रा की तैयारियों में थी. यूएई में हम अपने बेस में ही सफर कर रहे थे और एक ही होटल में बंद थे. वहां एक रूटीन था. यहां हम बार बार शहर बदल रहे हैं, हमको नहीं पता कि पायलट या फ्लाइट अटेंडेंट क्वारंटाइन थे या नहीं, फ्लाइट का खाना आदि. ये बात कुछ बनी नहीं.”

IPL 2021 Suspended: कैसे 100 cr बचाने के लिए BCCI ने गंवाए 3500 cr

अगर इस बात पर गौर किया जाए कि यूएई में आईपीएल सफल और भारत में सीजन असफल कैसे रहा तो जवाब यही है कि बीसीसीआई ने यूएई में आईपीएल का आयोजन करवाने के लिए 98.5 करोड़ रुपये खर्च किए थे. ईसीबी ने बीसीसीआई ने आयोजन के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये फीस ली थी.

सिर्फ यही नहीं, बीसीसीआई ने 9.49 करोड़ रुपये कोविड-19 की ऑनसाइट टेस्टिंग के लिए और 3 करोड़ रुपये बायो बबल पर खर्च किए थे. आपको बता दें कि जितना पैसा ईसीबी ने आईपीएल होस्ट करने के लिए बीसीसीआई से फीस ली थी, वो भारत में होने वाले आईपीएल के लिए स्टेट एसोसिएशन द्वारा ली जाने वाली फीस से दोगुनी थी.

आईपीएल 2019 में भारत में स्टेट एसोसिएशन मैच की होस्टिंग के लिए 50 लाख रुपये फीस लेती थी. यही चीज आईपीएल 2020 में दोगुनी हो गई, एक मैच की फीस एक करोड़ रुपये हो गई. इसके अलावा बीसीसीआई ने महिला आईपीएल के लिए भी ईसीबी को 2.52 करोड़ रुपये दिए थे.

इतने खर्चे के बाद बीसीसीआई ने आईपीएल 2020 के सिर्फ कोविड-19 के टेस्ट करवाने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए थे. इसके लिए उन्होंने यूएई की वीपीएस हेल्थकेयर को हायर किया था जो ऑनसाइट कोविड-19 के टेस्ट और

मेडिकल सुविधा देती थी. सूचना के अनुसार, यूएई में आईपीएल के दौरान कुल 20,000 कोविड टेस्ट हुए थे जिनका खर्च 9.49 करोड़ रुपये था.

यूके की कंपनी रेस्ट्राटा सॉल्यूशंज को आईपीएल 2020 के बायो बबल की जिम्मेदारी दी गई थी जिसकी कीमत 2.89 करोड़ थी.

आईपीएल 2021 के फेल होने के मुख्य कारण-

1) बीसीसीआई ने यूएई में सीजन का आयोजन न करवा कर भारत में लीग का आयोजन किया.

2) बायो बबल के लिए यूके की कंपनी रेस्ट्राटा सॉल्यूशंज को हायर नहीं किया.

3) बेहतर मेडिकल फैसिलिटी खिलाड़ियों और स्टाफ को मुहैया नहीं करवाई गईं.

बहरहाल, आईपीएल के एक सीजन से लगभग 7000 करोड़ का रेवेन्यू बीसीसीआई के पास आता है. लेकिन इस बार क्योंकि आईपीएल बीच में ही स्थगित करना पड़ा इसलिए बीसीसीआई को 3500 करोड़ का नुकसान हो गया. अगर बीसीसीआई ने आईपीएलजीसी का यूएई में आईपीएल 2021 करवाने का प्रस्ताव मान लिया होता तो शायद से सीजन भी पिछले सीजन की तरह सफलतापूर्वक हो जाता.

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