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लॉकडाउन: आपके शहर को कब मिलेगी राहत? जानें केंद्र सरकार का फॉर्मूला

नई दिल्‍ली
कोविड-19 के मामलों में गिरावट का सिलसिला जारी है। जून के महीने में कम इन्‍फेक्‍शन की संभावना जताई जा रही है। फिर भी अनलॉक का फैसला करने से पहले कई बातों को ध्‍यान में रखना होगा। केंद्र सरकार ने कहा है कि अनलॉक की प्रक्रिया चरणबद्ध होनी चाहिए। इसके लिए जिले के पॉजिटिविटी रेट और वैक्‍सीनेशन की कवरेज को ध्‍यान में जरूर रखा जाए। महामारी को काबू में रखने के लिए गाइडलाइंस तय करते हुए केंद्र ने तीन बातों पर गौर करने को कहा है।

लॉकडाउन हटाने का क्‍या है फॉर्म्‍युला?
केंद्र ने सुझाव दिया है कि जिलों में अनलॉक के लिए केसेज कम होने और टेस्टिंग बढ़ाने से इतर तीन शर्तें पूरी होनी चाहिए।

  • 7 दिन के आधार पर औसत टेस्‍ट पॉजिटिविटी रेट 5% से नीचे हो।
  • बुजुर्गों और 45 साल से ऊपर को-मॉर्बिडिटीज वाले लोगों में 70% से ज्‍यादा का वैक्‍सीनेशन हो चुका हो।
  • कोविड से जुड़ी सावधानियों के पालन की जिम्‍मेदारी सामूहिक हो।
  • ‘धीरे-धीरे करना होगा अनलॉक’

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा, “अनलॉक की प्रक्रिया धीमे-धीमे आगे बढ़ानी होगी।” उन्‍होंने कहा कि जिला स्‍तर पर टेस्टिंग और कंटेनमेंट की वजह से हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। हालांकि यह लंबे समय तक चलने वाला हल नहीं है। हमें कंटेनमेंट और लॉकडाउन में ढील देने का कोई तरीका खोजना होगा और यह काफी धीरे-धीरे करना होगा।

अभी क्‍या है पॉजिटिविटी रेट का हाल?
मंगलवार को ICMR डीजी ने कहा कि सोमवार को देश में 350 जिले ऐसे हैं जहां पॉजिटिविटी रेट 5% से कम है। वहीं 145 जिलों का पॉजिटिविटी रेट 5-10% के बीच है। 239 जिलों में 10% से ज्‍यादा पॉजिटिविटी है। पूरे देश में, साप्‍ताहिक आधार पर पॉजिटिविटी रेट 8.3% है।

अनलॉक के बाद की है चिंता
अधिकारियों के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में वैक्‍सीनेशन बढ़ाने की पर्याप्‍त क्षमता है। केंद्रीय अधिकारियों के अनुसार, टेस्टिंग, माइक्रो-कंटेनमेंट जोन्‍स, मास्‍क पहनना, सोशल डिस्‍टेसिंग को बिना लापरवाही के जारी रखना होगा। नीति आयोग के सदस्‍य (स्‍वास्‍थ्‍य) डॉ वीके पॉल ने कहा, “हमें जो भी संभावित हालात बताए गए हैं, उससे यही लगता है कि केसेज घटेंगे। जून काफी बेहतर, स्थिर साबित होगा मगर चिंता इस बात की है कि जब अनलॉक करेंगे तो हम कैसा व्‍यवहार करेंगे क्‍योंकि वायरस गया नहीं है।”

4.36 करोड़ को लग चुकी दोनों डोज
भार्गव ने कहा कि जुलाई के मध्‍य या अगस्‍त तक हमारे पास इतनी डोज उपलब्‍ध होंगी कि हम रोज 1 करोड़ लोगों को टीका लगा सकें। उन्‍होंने कहा कि हमारा लक्ष्‍य दिसंबर तक पूरी आबादी को वैक्‍सीनेट करने का है। भारत ने मंगलवार शाम 7 बजे तक कुल 21.83 करोड़ डोज लगाई हैं। इनमें 17 करोड़ से ज्‍यादा लोग ऐसे हैं जिन्‍हें कम से कम 1 डोज लग चुकी है। 4.36 करोड़ लोगों को वैक्‍सीन की दोनों डोज मिल गई हैं।

बच्‍चों में कोरोना पर गाइडलाइंस जल्‍द
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा कि बच्‍चों में कोविड पर उसका ध्‍यान है। सरकार ने कहा कि अगर तीसरी लहर आती है तो सरकार बच्‍चों के के लिए कोविड मैनेजमेंट, पोस्‍ट-कोविड रिकवरी और मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने को लेकर गाइडलाइंस तैयार करेगी। डॉ पॉल ने कहा कि अभी का डेटा यह बताता है कि संक्रमित बच्‍चों में से बहुत कम को अस्‍पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। उन्‍होंने कहा कि 2-3% बच्‍चों को भर्ती करना पड़ रहा है मगर सरकार जरूरत से ढाई गुना ज्‍यादा संख्‍या के हिसाब से तैयारी करेगी।

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