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मानसून: आपके राज्य में कब देगा दस्तक, यहां जानें पक्की खबर

केरल और लक्ष्यदीप को भिगोने के बाद मानसून शुक्रवार को कर्नाटक पहुंच गया है। दक्षिणी और उत्तरी कर्नाटक के साथ, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो रही है। केरल और लक्षदीप में पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर बादल बरस रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) ने केरल में 12 घंटों के अंदर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में केरल के त्रिशूर में 11 सेमी, कोच्चि में 9 सेमी, कोझीकोड में 7 सेमी, वक्कड़ (मल्लपूरम जिला) में 16 सेमी, कोन्नी और कांजीरापल्ली (कोट्टायम जिला) में 14 सेमी, पुंजर और कोन्नी में 13 सेमी के साथ पिरावम में 12 सेमी बारिश हुई है।

मानसून मध्य प्रदेश में 20 जून तो राजस्थान में 25 जून तक पहुंच सकता है। पहले ताऊ ते फिर उसके बाद यास तूफान के असर के कारण इस बार देश के ज्यादातर राज्यों में नौतपे और लू का असर देखने को नहीं मिला। IMD के मुताबिक दिल्ली में गर्मी का ये पहला सीजन हो सकता है, जिसमें लू न चले। कुछ ही दिनों में यहां बारिश शुरू हो सकती है।

प्रमुख राज्यों में कब पहुंचेगा मानसून

महाराष्ट्र: 10 जून
तेलंगाना: 11 जून
पश्चिम बंगाल: 12 जून
ओडिशा: 13 जून
झारखंड: 14 जून
बिहार और छत्तीसगढ़: 16 जून
गुजरात: 20 जून
उत्तराखंड और मध्य प्रदेश : 20 जून
उत्तर प्रदेश: 22 जून
हिमाचल प्रदेश: 24 जून
राजस्थान: 25 जून
दिल्ली और हरियाणा: 27 जून
पंजाब: 28 जून

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही, जो खड़ी फसलों के साथ कच्चे मकानों और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने और यात्रा से बचने की अपील की है। इलेक्ट्रॉनिक चीजों और जल स्त्रोतों से दूर रहें। तेज हवाओं के चलते राजधानी के कई इलाकों में पेड़ गिर गए हैं।

राजस्थान: 4 दिन पहले आ सकता है मानसून
राज्य में इस बार दक्षिण-पश्चिमी मानसून समय से 4 दिन पहले आ सकता है। इस बार मानसून 25 जून तक राजस्थान पहुंच सकता है। जबकि आमतौर पर यह 30 जून या उसके बाद ही राज्य में प्रवेश करता है। राजस्थान में मानसून का प्रवेश डूंगरपुर-बांसवाड़ा के इलाके से होता है। गुजरात में मानसून के आने के 8-10 दिन बाद यह राजस्थान की सीमा में प्रवेश करता है। IMD ने इस बार प्रदेश में सामान्य से 6 फीसदी ज्यादा बारिश होने का भी अनुमान जताया है।

मध्य प्रदेश: प्री मानसून का आगाज, इंदौर में तेज बारिश
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की बारिश शुरू हो गई है। पिछले 4 दिनों से दोपहर में बादल छा जाने का क्रम जारी है। कई जिलों में शाम के समय बारिश भी हो रही है। गुरुवार को इंदौर में दोपहर 3 बजे अचानक से काले घने बादल छाए। आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। जून के शुरुआत से ही बारिश के कारण तापमान 38 डिग्री के आसपास बना हुआ है। रात का पारा भी 21.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। इसी तरह, छिंदवाड़ा में भी दोपहर में आंधी से साथ तेज बारिश हुई। भोपाल में बादल छाए रहे।

हरियाणा: तय समय से पहले आ सकता है मानसून
हरियाणा में मानसून समय से पहले ही दस्तक दे सकता है। ऐसे में संभावना है कि प्रदेश में जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई की शुरुआत में मानसून राज्य में पहुंचेगा। मानसून में प्रदेश में जून से सितंबर तक औसतन 460 मिलीमीटर बरसात होती रही है, लेकिन पिछले 10 साल में पहली बार 2018 में 415 मिलीमीटर तक पहुंच पाया था। 1990 के बाद 12 बार ही ऐसी स्थिति बनी है जब सामान्य या सामान्य से अधिक बरसात हुई है। जबकि 17 बार सामान्य से कम बारिश हुई है। 1995 में प्रदेश में सामान्य से 83 फीसदी अधिक बरसात हुई थी, तब बाढ़ की स्थिति बनी थी।

छत्तीसगढ़: रायपुर सहित कई जिलों में बारिश
छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून को दाखिल होने में अमूमन दो हफ्ते और लगेंगे। गुरुवार शाम रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्से में बारिश देखी गई। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया कि यह प्री-मानसून की बारिश नहीं है। बल्कि उत्तरी छत्तीसगढ़ पर सक्रिय एक चक्रवात के असर से पानी बरसा है।

मानसून की घोषणा के ये 3 मानक हैं

  1. केरल, लक्षद्वीप और कर्नाटक के 14 मौसम केंद्रों में से 60% केंद्रों पर 10 मई के बाद लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी से अधिक बारिश होनी चाहिए।
  2. जमीनी सतह से 4.5 किमी ऊंचाई तक पश्चिमी हवाएं चलने लगने लगे, सतह के करीब इसकी गति 30 से 35 किमी/घंटा तक हो।
  3. बादलों की मोटाई इतनी अधिक हो कि जमीन से आसमान की ओर लौटने वाला रेडिएशन 200 वॉट/वर्गमीटर से कम हो जाए।
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