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भारत में तेजी से बढ़ रही है ये बीमारी, आप भी तो नहीं हैं इसके शिकार ?

आज की इस व्यस्ततम जिंदगी वाले दौर में हमारे पास खुद के लिए भी समय नहीं है। खाने पीने में लापरवाही के कारण मांस पेशियां कमजोर होने लगती हैं। मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत आज के दौर में लगभग हर किसी को है। यह भारतीयों के मद्देनजर एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। मांसपेशियों में कमजोरी का बड़ा कारण विटामिन ई और प्रोटीन की कमी है। इस समस्या से निजात के लिए ऐसे आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है जिसमें विटामिन और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा हो। शरीर के मांस पेशीयों के कमजोर होने के निम्न लक्षण हैं।

शरीर के अंगों का ठीक से काम नहीं करना- मांसपेशियों के ठीक से काम नहीं करने से शरीर का संतुलन भी बिगड़ जाता है। अगर शरीर में विटामिन की मात्रा ठीक से नहीं रहेगी तो मांसपेशियाँ ठीक से काम नहीं करेंगे। विटामिन ई की मात्रा खून में भी होताी है।  इसके कमी से रक्त संचार बिगड़ता है और शरीर के अंग ठीक से काम नहीं करते। जो स्पष्ट संकेत है कि आपकी मांसपेशियाँ कमजोर हैं।

नजर कमजोर होना- मांस पेशियों के कमजोर होने से नजर में भी फर्क पड़ता है। और आँख की रोशनी कम होने लगती है। इसके लिए बेहतर है कि विटामिन और प्रोटीन से भरपूर आहार लें ताकि इन समस्याओं से दूरी बने रहे।

कमजोरी- मांसपेशियों के कमजोर हो जाने से आपका पूरा शरीर कमजोर हो जाएगा। और इससे आपकी रोग प्रतिरोधकता क्षमता भी प्रभावित होगी। और आपके कामकाज पर इसका बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

प्रोटीन और विटामिन के वे स्त्रोत जो आपके मांस पेशियों को कमजोर होने बचाएँगे-

अंकुरित अनाज- प्रोटीन हमारे शरीर के कोशिकाओं के मरम्मत के लिए आवश्यक तत्व है। अंकुरित अनाज को उबालकर या भिगोकर खाने से इससे भरपूर मात्रा में प्रोटीन प्राप्त होता है।

अंडा- अंडा विटामिन और प्रोटीन दोनों का स्त्रोत है, इसमें ढेर सारे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं।

मछली- मछली प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है। कुछ  मछलियों में कैल्शियम की मात्रा भी पाई जाती है जो आपके  हड्डियों को मजबूत रखती हैं। और मांस पेशियों की कमजोरी को दूर करती हैं। मछली में एमीनो एसीड की मात्रा अधिक होने के कारण यह प्रोटीन का बेहतरीन स्त्रोत माना जाता है।

फलियाँ- फलियों के सेवन से शरीर को आसानी से प्रोटीन प्राप्त हो जाता है। फलियों में विटामिन ई, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के पाया जाता है। जो मांस पेशियों के कमजोरी को दूर करता है। इसके सेवन से मांसपेशियाँ मजबूत होने लगती हैं।

लाइफस्टाइल में बदलाव भी मांस पेशियों के कमजोरी का बड़ा कारण है-

गलत खानपान- मांसपेशियों में कमजोरी के लिए गलत खानपान सबसे बड़ा कारण है। जंक फूड और फास्ट फूड ने युवा वर्ग को अपने चपेट में ले लिया है। इसका असर युवा वर्ग के स्वास्थय पर पड़ रहा है।

व्यायाम की कमी- भागम भाग जीवन में व्यायाम करने का समय नहीं है। व्यायाम से रक्त संचार सुचारू रूप से चलता है। नियमित व्यायाम करने से शरीर की मांस पेशियाँ सख्त नहीं होती। व्यायाम हमें स्वस्थ रखने मेें भी सहायक है।

तनाव- शहरों के जीवनशैली से पैदा हुआ यह एक खास प्रकार की बीमारी बनकर उभरा है। तनाव  से मांस पेशियां खींचने की समस्या अाती है।

नशा और धूम्रपान- नशा और धूम्रपान ने भी युवा वर्ग को अपने चपेट में लिया है। जिसकी वजह से आपके शरीर को काफी नुकसान पहुँच रहा है और गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जो शरीर के मांस पेशियों से लेकर किडनी और अन्य अंगों को नुकसान पहुँचा रहा है।

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