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प्रयागराज: कैबिनेट मंत्री और उनकी मेयर पत्नी का करीबी है नकली इंजेक्शन बेचने वाला, साथ हैं दर्जनों तस्वीरें

प्रयागराज. यूपी में ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन सप्लाई में कानपुर में हुए खुलासे के बाद पुलिस की रेड जारी है। शुक्रवार की रात प्रयागराज में पुलिस ने दो मेडिकल स्टोर संचालकों में से एक पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। पंकज को राज्य के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और उनकी पत्नी और प्रयागराज की महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी का बेहद करीबी बताया जाता है। पंकज ने अपने फेसबुक अकाउंट पर मंत्री नंदी और महापौर अभिलाषा के साथ दर्जनों तस्वीरें भी लगा रखी हैं। इसके साथ पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के साथ भी फोटो हैं। हालांकि प्रयागराज में बिना किसी कार्रवाई के कारोबारी को लेकर पुलिस कानपुर लौट गई है।

जालसाजी के प्रकरण में जेल जा चुका है पंकज अग्रवाल
पंकज अग्रवाल, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी का न केवल बेहद करीबी है, बल्कि उनके हर कार्यक्रम में शरीक होने वाले प्रमुख लोगों में भी शामिल रहता है। पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में पंकज अग्रवाल जालसाजी के मामले में जेल भी जा चुका है। 3 महीने बाद वह जमानत पर छूटा था।

चिकित्सक समेत कई लोगों को निकली इंजेक्शन बेचकर की मोटी कमाई
कानपुर में ब्लैक फंगस के 68 नकली इंजेक्शन के साथ दबोचे गए भाजपा नेता प्रकाश मिश्रा और ज्ञानेश कुमार से मिले इनपुट पर कानपुर पुलिस ने शुक्रवार रात प्रयागराज आई। इसके बाद स्पेशल क्राइम ब्रांच एसओजी की टीम के साथ मिलकर छापेमारी की। सबसे पहले शहर के खुल्दाबाद में मेडिकल स्टोर चलाने वाले कानपुर निवासी मधुरम बाजपेई जो कि धूमनगंज थाना क्षेत्र के कालिंदीपुरम में रहता है, उसे गिरफ्तार किया।

इसके बाद प्रयागराज के ही नैनी कोतवाली अंतर्गत मिर्जापुर रोड पर स्थित चक रघुनाथ में लाइफ लाइन (अबलिगो) के नाम से मेडिकल स्टोर चलाने वाले पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया। रात भर पूछताछ के बाद सुबह पुलिस दोनों को लेकर कानपुर वापस चली गई।

20 इंजेक्शन के बदले दो लाख रुपए वसूले
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंकज अग्रवाल और मधुरम बाजपेई ने शहर के एक चर्चित हॉस्पिटल के एक चिकित्सक से ब्लैक फंगस के 20 इंजेक्शन के लिए दो लाख रुपए वसूले थे। यह बात पूछताछ में उन दोनों ने बताई है। इनके अलावा भी अन्य लोगों को भी नकली इंजेक्शन दोनों ने ऊंचे दामों पर बेचा है। जिनकी लिस्ट कानपुर पुलिस तैयार कर रही है।

एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कानपुर पुलिस कर रही है, इसलिए डेवलपमेंट भी वही बता पाएगी।

मंत्री बोले- कानून अपना काम करेगा, हमारा उसमें हस्तक्षेप नहीं होगा

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी का कहना है कि वह व्यापारियों के नेता हैं, सैकड़ों व्यापारी उनसे जुड़े हुए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह उनके किसी भी आपराधिक गतिविधि में उनके साथ हैं, अगर कोई भी गलत काम करते हुए पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। उसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।

प्रयागराज की मेयर, अभिलाषा गुप्ता नंदी कहती हैं कि पंकज अग्रवाल हमसे कई मौकों पर मिलता रहा है, लेकिन वह अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में क्या करता है, कौन सा गोरखधंधा करता है, इसे हम नहीं जानते। ना ही हमारा उससे कोई लेना-देना है। हम उसे सिर्फ एक कार्यकर्ता के रूप में जानते हैं। यदि कोई कार्यकर्ता हमारे साथ फोटो लेना चाहता है, तो हम उसे मना नहीं कर सकते।

इससे पहले कानपुर में पकड़ा गया युवक, भाजपा नेता निकला था
इससे पहले ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले एंटीफंगल इंजेक्शन की कालाबाजारी में गिरफ्तार युवक भाजपा नेता निकला था। कानपुर के यशोदा नगर निवासी प्रकाश मिश्रा गिरफ्तार करते ही पुलिसवालों पर सत्ता का रौब झाड़ने लगा। लेकिन रंगे हाथों पकड़े जाने पर पुलिस ने उसकी एक न सुनी। पुलिस ने शुक्रवार को FIR दर्ज करने के बाद प्रकाश और उसके साथी ज्ञानेश को जेल भेज दिया था।

प्रकाश के पास से जो कार मिली है उस पर हाईकोर्ट लिखा हुआ है। पुलिस ने गाड़ी भी सीज कर दी है। गिरफ्तारी होने के बाद भाजपा नेताओं के ताबड़तोड़ फोन आना शुरू हुए थे, लेकिन हकीकत मालूम पड़ने पर सभी ने अपने हाथ पीछे खींच लिए।

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