Wednesday , May 12 2021
Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / UP में एक्टिव केस 3 लाख पार : BJP सांसद बोले- KGMU में ICU खाली, एडमिट नहीं कर रहे मरीज

UP में एक्टिव केस 3 लाख पार : BJP सांसद बोले- KGMU में ICU खाली, एडमिट नहीं कर रहे मरीज

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 33,574 नए केस आए और 249 लोगों की मौत हो गई। आज लखनऊ के हालात कुछ सुखद संकेत लेकर आए। यहां 4,566 नए संक्रमित मरीज बढ़े तो 6,035 डिस्चार्ज भी हुए हैं। 21 की मौत की मौत हुई है। इस बीच संक्रमण से अपने बड़े भाई की मौत से आहत मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर KGMU में बदहाली की जानकारी दी है। सांसद ने लिखा कि, बलरामपुर हॉस्पिटल में 20 में से केवल पांच वेंटिलेटर काम कर रहे हैं। KGMU के ICU बेड खाली पड़े हैं। लेकिन जनता के लिए उपलब्ध नहीं है।

KGMU के कुलपति छुट्टी पर
भाजपा सांसद कौशल किशोर ने लिखा कि, उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान KGMU के कुलपति 5 अप्रैल को कोविड की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण 17 अप्रैल तक नहीं आए और उसके बाद 8 मई तक के लिए लंबे अवकाश पर दिल्ली चले गए हैं।

मीडिया में बयानबाजी न करके डॉक्टर इलाज करें
भाजपा सांसद ने लिखा कि कोविड-19 जो का उपचार न करके मीडियाबाजी में व्यस्त रहने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही KGMU व बलरामपुर के सभी ऑक्सीजन वाले बेड कोविड-19 पॉजिटिव मरीज के लिए रिजर्व किया जाए। जिससे बेड खाली रहते हुए कोई मरीज सड़क पर ऑक्सीजन में दवा के अभाव में दम न तोड़ पाए। इसके लिए आप से यह भी अनुरोध है कि, ऑक्सीजन युक्त बेड 6 घंटे से अधिक खाली रहने के बाद भी यदि किसी अस्पताल में लाइन में लगे। कोविड-19 मरीज को भर्ती के बिना अगर किसी की मौत होती है तो संबंधित जिम्मेदार के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा तक दर्ज किया जाए।

यूपी में कोरोना के क्या है हालात?

  • बीते 24 घंटे में: 33574 नए केस
  • बीते 24 घंटे में मौत: 249
  • 24 घंटे के अंदर डिस्चार्ज: 26,719
  • एक्टिव केस: 3,04,199
  • लखनऊ में एक्टिव केस: 50,627
  • प्रदेश में अब तक मौत: 11,414

प्राइवेट कर्मियों को कोविड होने पर मिलेगी 28 दिन की छुट्टी

प्रदेश में प्राइवेट कर्मियों को कोरोना होने पर 28 दिन का वेतन और छुट्टी मिलेगी। इसके अलावा चिकित्सा प्रमाण पत्र भी अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश की सरकार ने आदेश जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि, प्राइवेट कर्मचारियों को मिलने वाला 28 दिन का वेतन अवकाश व चिकित्सा प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया है। सरकार के द्वारा बंद कराए गए प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी मजदूरी समेत अवकाश देना अनिवार्य किया गया है।

अपर मुख्य सचिव रमेश चंद्र ने आदेश जारी करते हुए लिखा है कि, ऐसा अवकाश केवल तभी नहीं माना जाएगा, जब ऐसे कार्य कर्मकार व कर्मचारी स्वस्थ होने के पश्चात अपने संस्थान व व्यक्तिगत शपथ पत्र को चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रदान प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा दुकानों कारखानों द्वारा सरकार या जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों से अस्थाई रूप से बंद कर्मचारियों के आदेशों से अस्थाई रूप से बंद होने के बाद कर्मचारियों व अन्य कर्मियों को ऐसी अस्थाई बंदी अवध के लिए उनके संस्थान द्वारा मजदूरी सहित अवकाश प्रदान किया जाए।

loading...
loading...

Check Also

कोरोना मरीज का ऑक्सीजन मास्क हटाकर महिलाएं करने लगीं पूजा, फिर हुआ कुछ ऐसा!

यूपी के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है. जहां पर ...