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US थिंकटैंक की रिपोर्ट: पृथ्वी पर आ रहे हैं एलियंस, लेकिन खतरे की बात नहीं!

नई दिल्ली। क्या एलियंस सच में होते हैं? क्या वे पृथ्वी पर आते हैं? क्या वे हम पर नजर रख रहे हैं? एलियंस से जुड़े ऐसे कई सवाल हैं, जो हमें आए दिन परेशान करते हैं। उनके बारे में जानने की उत्सुकता सभी को रहती है, मगर हकीकत में अब तक उनसे किसी की मुलाकात नहीं हुई है और न ही उन्हें किसी ने साक्षात देखा है। उनके होने या नहीं होने के वैज्ञानिक साक्ष्य भी अब तक नहीं मिले हैं।

एलियंस या फिर उनकी दुनिया को लेकर पृथ्वी के लोगों को दिलचस्पी जरूर रहती है। उन पर बॉलीवुड और हॉलीवुड में तमाम फिल्में बनी हैं और हिट साबित हुई हैं। हालांकि, अमरीका और वहां की अंतरिक्ष एजेंसी नासा का स्पष्ट मानना है कि पृथ्वी के उस पार एक दूसरी दुनिया भी है, जहां एलियंस रहते हैं। वहीं, वाशिंगटन में मौजूद थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर ने हाल ही में की गई सर्वे रिपोर्ट जारी की है। हालांकि, यह सर्वे रिपोर्ट गत 25 जून जारी किए गए यूएफओ रिपोर्ट से पहले की है।

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 65 प्रतिशत अमरीकी मानते हैं कि एलियंस मौजूद हैं। वहीं, 51 प्रतिशत का मानना है कि अमरीकी सैनिकों की ओर से देखी जाने वाली यूएफओ की घटनाओं का मतलब है कि यूएफओ धरती पर आते हैं। वैसे, यह रिपोर्ट वल्र्ड यूएफओ डे यानी बीते 2 जुलाई को जारी की गई थी। इस सर्वे रिपोर्ट में 10 हजार 417 अमरीकी लोगों से एलियंस और यूएफओ को लेकर सवाल पूछे गए। इसमें सामने आया कि 18 से 29 साल के बीच 76 प्रतिशत लोगों ने माना कि एलियंस मौजूद हैं। वहीं, 30 से 49 वर्ष के 69 प्रतिशत लोगों ने भी इस बात से अपनी सहमति जताई।

क्या एलियंस या यूएफओ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, इस 87 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे खतरा नहीं है, हालांकि इसका स्पष्ट जवाब उनके पास नहीं था कि वे क्यों एलियंस या यूएफओ को खतरे का सबब नहीं मानते। बहरहाल, यूएफओ को लेकर लंबे समय से बनाई जा रही रिपोर्ट की मांग अमरीकी सीनेट की खुफिया समिति ने की थी। समिति ने अज्ञात हवाई घटना यानी यूएपी की जांच का अनुरोध किया था। इसे राष्ट्रीय खुफिया निदेशक और रक्षा मंत्री को सौंपा जाना था। इस रिपोर्ट के लिए आदेश 21 दिसंबर 2020 को दिया गया था और इसे 180 दिनों के भीतर तैयार करना था। हालांकि, रिपोर्ट का कुछ हिसा अभी भी जारी नहीं किया गया है।

इस रिपोर्ट में पहली बार अमरीकी सरकार ने यूएफओ की मौजूदगी की बात मानी है। इसमें वर्ष 2004 से वर्ष 2021 तक हुई 144 यूएफओ की घटनाओं का जिक्र किया गया है। इसमें से सिर्फ एक को वेदर बैलून के रूप में पहचाना गया और बाकी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वैसे दिलचस्प यह भी है कि इस रिपोर्ट में यूएफओ को एलियंस से नहीं जोड़ा गया है।

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